×

छत्तीसगढ़ के जस्टिस संजय के. अग्रवाल होंगे राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, वीडियो में जाने पुष्पेंद्र भाटी का भी तबादला

 

राजस्थान हाईकोर्ट को जल्द ही नया स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिल सकता है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। 31 अगस्त को हुई कॉलेजियम की बैठक में यह फैसला लिया गया। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक कॉलेजियम जानकारी में भी जस्टिस अग्रवाल के राजस्थान हाईकोर्ट ट्रांसफर और चीफ जस्टिस पद के लिए सिफारिश की पुष्टि हुई है। कॉलेजियम के इस फैसले के बाद राजस्थान हाईकोर्ट में लंबे समय से चल रहा कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का दौर खत्म होने की दिशा में है। वर्तमान में जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके कार्यकाल को लेकर पिछले दिनों हाईकोर्ट के वकीलों के एक वर्ग ने विरोध प्रदर्शन किया था।

पुष्पेंद्र भाटी जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बनेंगे

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/t8CwxyejsVg?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/t8CwxyejsVg/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट के जज जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की भी सिफारिश की है। जस्टिस भाटी राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीशों में शामिल हैं।कॉलेजियम की सिफारिश के मुताबिक, जस्टिस भाटी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में मौजूदा कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव कुमार की जगह जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। हालांकि इन नियुक्तियों की अंतिम प्रक्रिया केंद्र सरकार और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद पूरी होगी।

सोमवार को वकीलों ने किया था प्रदर्शन

जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को लेकर सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट में वकीलों का विरोध देखने को मिला। वकीलों के एक समूह ने उनके कोर्ट रूम के बाहर नारेबाजी की और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अदालत का बहिष्कार किया।विरोध के कारण बड़ी संख्या में वकील कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट में सुनवाई के लिए पेश नहीं हुए। वकीलों की ओर से नियमित चीफ जस्टिस की नियुक्ति की मांग भी उठाई गई थी।इसी बीच जस्टिस शर्मा छुट्टी पर चले गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 1 से 5 सितंबर तक जयपुर बेंच की संशोधित रोस्टर व्यवस्था में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की नियमित कोर्ट सिटिंग नहीं होगी।

जस्टिस संदीप मेहता की चिट्ठियों के बाद बढ़ा विवाद

राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को लेकर विवाद तब ज्यादा चर्चा में आया, जब सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता की ओर से भारत के मुख्य न्यायाधीश को लिखे गए पत्र सामने आए। इन पत्रों में जस्टिस शर्मा के प्रशासनिक कामकाज को लेकर गंभीर चिंताएं जताए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। जस्टिस मेहता ने नियमित मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की मांग भी की थी।इसके बाद हाईकोर्ट के वकीलों के एक वर्ग ने भी कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सोमवार को विरोध प्रदर्शन और कोर्ट बहिष्कार के बीच ही सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट के लिए नए चीफ जस्टिस के नाम की सिफारिश कर दी।

10 महीने से कार्यवाहक चीफ जस्टिस की व्यवस्था

राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा करीब दस महीने से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की भूमिका में थे। नियमित चीफ जस्टिस की नियुक्ति की मांग लंबे समय से उठ रही थी। अब जस्टिस संजय के. अग्रवाल के नाम की सिफारिश के बाद राजस्थान हाईकोर्ट को स्थायी नेतृत्व मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के मुताबिक जस्टिस संजय के. अग्रवाल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से राजस्थान हाईकोर्ट ट्रांसफर किया जाएगा और उन्हें यहां मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं जस्टिस पुष्पेंद्र भाटी के जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट जाने से राजस्थान हाईकोर्ट में एक और महत्वपूर्ण बदलाव होगा।इस तरह कॉलेजियम के फैसले से राजस्थान हाईकोर्ट में एक साथ नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति और वरिष्ठ जज के तबादले का रास्ता साफ हुआ है। अब सभी की नजरें इन सिफारिशों पर केंद्र और राष्ट्रपति की अंतिम मंजूरी पर टिकी हैं।