गृहणी से लखपति दीदी बनने का सफर, सीएम भजनलाल से संवाद में महिलाओं ने साझा किए अनुभव
राजस्थान में महिला सशक्तिकरण की दिशा में चल रही योजनाओं के बीच एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां “लखपति दीदी” योजना से जुड़ी कई गृहणियों ने आत्मनिर्भरता की ओर अपने सफर को साझा किया। यह संवाद कार्यक्रम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियां बताईं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं शामिल हुईं, जिन्होंने बताया कि किस तरह स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और सरकारी योजनाओं की मदद से उन्होंने आर्थिक रूप से खुद को मजबूत किया है। कई महिलाओं ने छोटे व्यवसाय जैसे सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, किराना दुकान और हस्तशिल्प के जरिए सालाना एक लाख रुपये या उससे अधिक की आय अर्जित करने का अनुभव साझा किया।
महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले वे केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, लेकिन अब वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में भी योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रशिक्षण, ऋण सुविधा और बाजार से जुड़ाव ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मौके पर महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिक प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि “लखपति दीदी” जैसी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आने वाले समय में स्वयं सहायता समूहों को और अधिक मजबूत किया जाएगा और महिलाओं को रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनें।
कार्यक्रम के दौरान कई महिलाओं ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानियां साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और प्रशिक्षण के दम पर अपनी पहचान बनाई। इन कहानियों ने वहां मौजूद अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महिला उद्यमिता की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे कार्यक्रम न केवल जागरूकता बढ़ाते हैं बल्कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करते हैं।
फिलहाल यह पहल राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है, जिससे आने वाले समय में और अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की ओर कदम बढ़ा सकेंगी।