जोधपुर-ब्यावर नई रेल लाइन परियोजना को गति, बिलाड़ा-रास ब्रॉडगेज से घटेगी दूरी और बढ़ेगी रफ्तार
जोधपुर से ब्यावर के बीच प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना अब तेज़ी पकड़ती नजर आ रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पूरा होने पर न केवल दोनों शहरों के बीच की दूरी घटेगी, बल्कि यात्रियों को तेज, सुरक्षित और अधिक सुगम रेल यात्रा का लाभ भी मिलेगा।
परियोजना के तहत बिलाड़ा से रास तक नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाने की योजना को आगे बढ़ाते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) रेल मंत्रालय को भेज दी गई है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना को मंजूरी मिलने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, यह नई रेल लाइन क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। वर्तमान में जोधपुर और ब्यावर के बीच यात्रा में समय अधिक लगता है और कई जगहों पर वैकल्पिक मार्गों पर निर्भर रहना पड़ता है। नई लाइन बनने के बाद यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि पश्चिमी राजस्थान और मेवाड़ क्षेत्र के बीच आवागमन आसान हो जाएगा। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेल मंत्रालय को भेजी गई डीपीआर में परियोजना की तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय पहलुओं का विस्तृत अध्ययन शामिल किया गया है। इसमें भूमि उपलब्धता, अनुमानित लागत, स्टेशन संरचना और संभावित यात्री भार का भी आकलन किया गया है।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस परियोजना का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से इस रेल लाइन की मांग की जा रही थी, जो अब साकार होने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना भविष्य में माल परिवहन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी, जिससे उद्योगों को लॉजिस्टिक लागत में राहत मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
कुल मिलाकर, जोधपुर-ब्यावर नई ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। डीपीआर भेजे जाने के बाद अब सभी की निगाहें रेल मंत्रालय की मंजूरी पर टिकी हैं, जिसके बाद इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को धरातल पर उतारा जा सकेगा।