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जोधपुर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ किया, 1,100 करोड़ रुपए की ठगी का खुलासा

 

राजस्थान में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ने एक बड़ा सफलता हासिल की है। जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें लोगों को 1,100 करोड़ रुपए से अधिक का वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया।

पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि अपराधियों ने भारतीय सिम कार्ड का अवैध उपयोग करके व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए लोगों से संपर्क किया। इसके तहत उन्हें नकली निवेश योजनाओं और ऑनलाइन ट्रेडिंग के जाल में फंसाया गया। पीड़ितों को आकर्षक रिटर्न का झांसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी की गई।

जांच अधिकारी ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण में पाया गया कि ये कॉल और मैसेज कंबोडिया के प्रीआ सिहानूक से भेजे गए थे, भले ही सभी संपर्कों में भारतीय मोबाइल नंबर दिखाई देते थे। इसका उद्देश्य पीड़ितों को भारतीय लगने वाले नंबरों के जरिए भ्रमित करना था, ताकि वे फ्रॉड का तुरंत अंदाजा न लगा सकें।

जोधपुर पुलिस ने इस साइबर फ्रॉड रैकेट के संचालन की पूरी जाँच और ट्रैकिंग की। उन्होंने साइबर तकनीक का उपयोग करके अपराधियों के नेटवर्क और स्थान का पता लगाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक कई संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी हो चुकी है, और मामले की आगे की कार्रवाई जारी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के साइबर फ्रॉड रैकेट अब देश और विदेश दोनों में सक्रिय हैं, और डिजिटल लेन-देन के माध्यम से बड़ी ठगी करते हैं। उन्होंने लोगों को सावधानी और सतर्कता बरतने की सलाह दी है, खासकर ऐसे कॉल, मैसेज और निवेश ऑफर्स के मामले में जो असामान्य लाभ का वादा करते हों।

पुलिस ने यह भी कहा कि आम जनता को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक डिटेल्स और ओटीपी किसी को साझा नहीं करनी चाहिए। साथ ही किसी भी संदेहास्पद संदेश या कॉल की सूचना तुरंत साइबर सेल और पुलिस को दी जानी चाहिए।

जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से अपराधियों का पता लगाया गया और फ्रॉड रैकेट की जड़ तक पहुंचने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह के साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए तकनीकी निगरानी और जनता जागरूकता अभियान जारी रहेंगे।

इस बड़ी कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि राजस्थान पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ सतर्क और सक्रिय है। अंतरराष्ट्रीय फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ न केवल लोगों के वित्तीय हित की रक्षा करता है, बल्कि डिजिटल दुनिया में सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने का भी संदेश देता है।