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जोधपुर कोर्ट का फैसला: नौ साल पुराने वनकर्मी हत्या मामले में दो दोषियों को उम्रकैद

 

जिला एवं सत्र न्यायालय ने नौ साल पुराने हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला लोहावट थाना क्षेत्र में वन विभाग के एक कर्मचारी की हत्या और शव को खुर्द-बुर्द करने से जुड़ा हुआ था।

जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2016 का है, जब लोहावट थाना क्षेत्र में वन विभाग कर्मी की हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए।

पुलिस जांच के बाद मामले को अदालत में पेश किया गया। करीब नौ साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी की। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों आरोपियों को हत्या और शव को खुर्द-बुर्द करने का दोषी माना।

कोर्ट ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने उन पर जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय के फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने राहत महसूस की और न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया।

अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। अभियोजन ने दलील दी कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से वन विभाग कर्मी की हत्या की और सबूत मिटाने का प्रयास किया।

कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों के प्रति सख्त रुख अपनाया। अदालत ने माना कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि समाज में कानून का डर बना रहे।

गौरतलब है कि लोहावट क्षेत्र में हुई इस घटना ने उस समय इलाके में सनसनी फैला दी थी। वन विभाग कर्मचारी की हत्या के बाद पुलिस ने लंबे समय तक जांच कर मामले की कड़ियां जोड़ी थीं।

जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायालय के इस फैसले को न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नौ साल बाद आए इस निर्णय से पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला है। वहीं, पुलिस और अभियोजन पक्ष की कार्रवाई के बाद दोषियों को उनके अपराध की सजा मिली है।