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नगर निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही झालावाड़ नगर परिषद ने आचार संहिता की पालना को लेकर कार्रवाई तेज कर दी है। सार्वजनिक स्थानों पर लगे होर्डिंग, बैनर और प्रचार सामग्री हटाई जा रही है। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों से जुड़ी शिलान्यास पट्टिकाओं को भी ढक दिया गया है।
नगर परिषद की टीमों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थानों पर लगी प्रचार सामग्री हटाई। अधिकारियों के मुताबिक, चुनाव के दौरान सरकारी संसाधनों और सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी के प्रचार के लिए न हो, इसके लिए यह कार्रवाई की जा रही है।
सार्वजनिक स्थानों से हटाए होर्डिंग-बैनर
आचार संहिता लागू होने के बाद नगर परिषद की टीमें शहर में सक्रिय हो गईं। कर्मचारियों ने मुख्य मार्गों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे होर्डिंग और बैनर हटाए।
कई स्थानों पर राजनीतिक नेताओं, योजनाओं और उपलब्धियों से जुड़े प्रचारात्मक पोस्टर लगे हुए थे। टीम ने इन्हें हटाकर सार्वजनिक स्थानों को प्रचार सामग्री से मुक्त कराया।
शिलान्यास पट्टिकाओं को भी ढका
कार्रवाई के दौरान नगर परिषद की टीम ने सरकारी विकास कार्यों से जुड़ी शिलान्यास और उद्घाटन पट्टिकाओं को भी ढक दिया। इन पट्टिकाओं पर नेताओं और जनप्रतिनिधियों के नाम दर्ज होने के कारण उन्हें चुनाव आचार संहिता के तहत ढका गया है।
अधिकारियों ने बताया कि आचार संहिता के दौरान ऐसी सामग्री प्रदर्शित नहीं की जा सकती, जिससे किसी राजनीतिक व्यक्ति या दल का प्रचार होता हुआ दिखाई दे।
शहर में लगातार चलेगा अभियान
नगर परिषद की ओर से बताया गया कि शहर में सार्वजनिक स्थानों की लगातार निगरानी की जाएगी। यदि आचार संहिता के दौरान दोबारा किसी स्थान पर बैनर, पोस्टर या प्रचार सामग्री लगाई जाती है तो उसे भी हटाया जाएगा।
टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।
निष्पक्ष चुनाव कराने पर जोर
आचार संहिता का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखना है। इसी के तहत सरकारी भवनों और सार्वजनिक स्थानों से राजनीतिक प्रचार सामग्री हटाई जाती है।
झालावाड़ नगर परिषद की कार्रवाई को इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। प्रशासन और नगर परिषद की टीमें अब शहर में लगे अन्य बैनर और पोस्टरों की भी जांच कर रही हैं, ताकि आचार संहिता का उल्लंघन न हो।