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झुंझुनूं करंट हादसा: मृतकों के परिजनों को मिलेंगे 15-15 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी, 7 घंटे बाद खत्म हुआ धरना

 

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 8 मजदूरों की मौत के बाद ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सहमति बन गई है। मृतकों के परिजनों को मुआवजे और सरकारी नौकरी का आश्वासन मिलने के बाद करीब 7 घंटे से चल रहा धरना समाप्त हो गया। जिला कलेक्टर (DM) के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन खत्म करने पर सहमति जताई।

जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह सड़क निर्माण कार्य के दौरान मशीन हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई थी। इससे करंट फैल गया और मौके पर काम कर रहे 8 मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे में सभी मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद मृतकों के परिजन और ग्रामीण मौके पर जुट गए थे। उन्होंने प्रशासन के सामने मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग रखी।

15 लाख रुपये मुआवजा और एक नौकरी पर बनी सहमति

हादसे के बाद ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और रोजगार की मांग की। इसको लेकर धरना शुरू किया गया, जो करीब 7 घंटे तक चला। प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बातचीत के बाद सहमति बनी।

जिला कलेक्टर की ओर से दिए गए आश्वासन के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मजदूर के परिवार को 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया है।

DM के आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन

मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर चल रहे धरने के दौरान ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद प्रशासन की ओर से बातचीत की गई। जिला कलेक्टर के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।

हादसे की जांच जारी

इस हादसे के बाद सड़क निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही मशीन हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और निर्माण स्थल पर सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई थीं।

फिलहाल ग्रामीणों और प्रशासन के बीच मुआवजे तथा नौकरी को लेकर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हो गया है। अब परिजनों को दिए गए आश्वासन पर अमल का इंतजार है।