जालोर में मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं, मनरेगा में देरी पर विधायक ने उठाया सवाल
राजस्थान विधानसभा में जालोर से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के दौरान विधायक समरजीत सिंह ने सवाल उठाया कि मनरेगा के तहत स्वीकृत काम तो हो रहे हैं, लेकिन मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश कार्यों की स्वीकृति जयपुर स्तर से दी जा रही है, जिससे भुगतान और कार्यों में देरी हो रही है।
इस पर ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने सदन में जवाब देते हुए बताया कि मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्यों की जानकारी और उनके भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि सभी मजदूरों को भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं और देरी को कम करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
विधायक समरजीत सिंह ने अधिकारियों से मांग की कि मजदूरों को उनके मेहनत का उचित भुगतान समय पर किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा की परियोजनाओं का असर और लाभ सीधे तौर पर दिखे।
सदन में यह चर्चा ग्रामीण विकास और पंचायतीराज के कामकाज की पारदर्शिता और तेजी पर भी प्रकाश डालती है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्रक्रिया में तेजी लाने और भुगतान में देरी रोकने के लिए निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मनरेगा जैसी योजना ग्रामीण रोजगार और आय सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन भुगतान में देरी से मजदूरों में असंतोष बढ़ता है। ऐसे में प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाना जरूरी है।
इस मुद्दे पर सदन में हुई चर्चा से यह स्पष्ट हुआ कि जालोर सहित अन्य जिलों में मनरेगा के कार्य और भुगतान में सुधार की आवश्यकता है, ताकि योजना का वास्तविक लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुँच सके।