राज्य बजट में जालौर को बहुआयामी विकास की सौगात, पर्यटन क्षेत्र में नई पहल
राजस्थान के हालिया राज्य बजट में जालौर जिले को बहुआयामी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सौगात दी गई है। पर्यटन क्षेत्र को मजबूत बनाने और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की गई है।
बजट में बताया गया है कि सुंधामाता में भालू संरक्षित क्षेत्र स्थापित किया जाएगा और सांचौर में वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही जालौर को जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर और बाड़मेर से जोड़ते हुए थार सांस्कृतिक सर्किट विकसित किया जाएगा।
इस पहल से मरुस्थलीय संस्कृति, लोककला और विरासत को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है। साथ ही, पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के रास्ते खुलेंगे।
जालौर जिले के पर्यटन और सांस्कृतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की योजनाएं न केवल जिले की पहचान को मजबूत करेंगी, बल्कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के साथ सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देंगी।
इस बजट से यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि सरकार पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को प्राथमिकता देते हुए स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर विकास को बढ़ावा देने के लिए गंभीर है।