रील ने बदली किस्मत, जालंधर के अशोक मस्कीन बने वायरल स्टार, वीडियो में जाने 50 की उम्र में मिली नई पहचान
सोशल मीडिया की ताकत एक बार फिर सामने आई है, जहां जालंधर के रहने वाले अशोक मस्कीन की जिंदगी एक साधारण रील से पूरी तरह बदल गई। फैक्ट्री में खराद का काम करने वाले अशोक आज अपनी गायकी के दम पर देशभर में चर्चा का विषय बन चुके हैं।अशोक मस्कीन ने अपनी आवाज़ में कोक स्टूडियो का मशहूर गीत “बुल्लेया वे” और “लगदा नीं दिल मर जाणा” गाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उनकी यह परफॉर्मेंस लोगों को इतनी पसंद आई कि उनका वीडियो अब तक करीब 1.8 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है।
वायरल होने के बाद अशोक की जिंदगी ने अचानक नया मोड़ ले लिया। उन्हें दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों से न सिर्फ लाइव शो के ऑफर मिलने लगे हैं, बल्कि बॉलीवुड फिल्मों में गाने का मौका भी मिल रहा है। एक साधारण मजदूर से म्यूजिक इंडस्ट्री तक का उनका सफर अब एक प्रेरणादायक कहानी बन चुका है।हालांकि, अशोक की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली। उनकी जिंदगी लंबे समय तक संघर्षों से भरी रही। बताया जाता है कि उन्होंने गायकी सीखने के लिए मशहूर पंजाबी सिंगर साबर कोटी से प्रेरणा ली और कई किलोमीटर पैदल चलकर संगीत की बारीकियां सीखीं। लेकिन आर्थिक तंगी और जिम्मेदारियों के कारण उनका यह शौक लंबे समय तक पीछे रह गया और उन्हें दिहाड़ी मजदूरी करनी पड़ी।
करीब 50 साल की उम्र में जब उनकी आवाज़ सोशल मीडिया पर पहुंची, तब उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। वायरल फेम मिलने के बाद उन्होंने फैक्ट्री का काम छोड़ दिया और अब पूरी तरह से अपने संगीत करियर पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।अशोक मस्कीन की कहानी इस बात का उदाहरण बन गई है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स कैसे छिपी हुई प्रतिभाओं को दुनिया के सामने ला सकते हैं। आज अशोक के पास न सिर्फ फैंस की लंबी लिस्ट है, बल्कि संगीत जगत में एक नई पहचान भी है, जो आने वाले समय में और मजबूत होने की उम्मीद है।