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जैसलमेर निकायों में आरक्षण की तस्वीर साफ, 25 वार्डों में महिलाएं होंगी पार्षद; OBC के खाते में 14 वार्ड

 

जैसलमेर जिले के दो नगरीय निकायों में आगामी चुनावों को लेकर वार्डों के आरक्षण की तस्वीर साफ हो गई है। लॉटरी प्रक्रिया के बाद 70 वार्डों के लिए आरक्षण की स्थिति तय कर दी गई है। इनमें 25 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC के लिए कुल 14 वार्ड आरक्षित किए गए हैं।

आरक्षण की नई व्यवस्था के बाद विभिन्न वर्गों के लिए वार्डों का आवंटन किया गया है। इस प्रक्रिया में अनुसूचित जनजाति यानी ST के आरक्षित वार्डों की संख्या में एक सीट की कमी हुई है। लॉटरी के बाद सामने आई सूची के आधार पर अब निकाय चुनाव में अलग-अलग वार्डों से चुनाव लड़ने वाले संभावित उम्मीदवार अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे सकेंगे।

70 वार्डों में तय हुआ आरक्षण

जैसलमेर जिले के दो निकायों के कुल 70 वार्डों में आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक वार्ड की श्रेणी निर्धारित हो गई है। इनमें सामान्य वर्ग के साथ SC, ST और OBC वर्ग के लिए आरक्षण तय किया गया है।

महिलाओं के लिए आरक्षित 25 वार्डों में अलग-अलग वर्गों की महिलाओं को चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा। आरक्षण प्रक्रिया के बाद कई वार्डों में पुराने समीकरण बदल गए हैं। इससे संभावित उम्मीदवारों की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है।

OBC के लिए 14 वार्ड आरक्षित

लॉटरी के बाद OBC वर्ग के लिए 14 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें OBC महिला आरक्षण वाले वार्ड भी शामिल हैं। आरक्षण की घोषणा के बाद संबंधित वर्ग के संभावित उम्मीदवारों में चुनाव को लेकर सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है।

वहीं, ST आरक्षण के तहत एक वार्ड की संख्या कम हुई है। इससे पहले की तुलना में अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षण में बदलाव हुआ है। लॉटरी के बाद वार्डवार स्थिति स्पष्ट होने से अब राजनीतिक दल भी अपने संभावित प्रत्याशियों को लेकर मंथन शुरू करेंगे।

महिलाओं के लिए 25 वार्ड

दोनों निकायों में कुल 25 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें अलग-अलग आरक्षित श्रेणियों के तहत महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतर सकेंगी।

महिला आरक्षण के कारण कई वार्डों में मौजूदा पार्षदों और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे पुरुष दावेदारों के समीकरण बदल सकते हैं। अब राजनीतिक दलों को नए चेहरों पर भी विचार करना होगा।

लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 70 वार्डों की आरक्षण सूची सामने आ गई है। इससे चुनावी तैयारियों को गति मिलने की संभावना है। संभावित उम्मीदवार अब अपने-अपने वार्ड की आरक्षण श्रेणी के अनुसार आगे की रणनीति तैयार करेंगे। वहीं, राजनीतिक दल भी वार्डवार सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों का आकलन कर प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा करेंगे।