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जयपुर का मंटू चोर, चोरी में प्यार, ईमानदारी और आस्था की कहानी

 

जयपुर में एक फ़िल्मी जैसी चोरी की कहानी सामने आई है, जिसने शहर में लोगों की उत्सुकता और चर्चा दोनों को बढ़ा दिया है। मामला है मंटू चोर का, जिसने 12 जनवरी को एक व्यापारी के घर से 22 लाख रुपये की चोरी की। लेकिन पुलिस पूछताछ में मंटू चोर ने जो कहानी सुनाई, उसने सभी को चौंका दिया।

मंटू चोर ने बताया कि उसने यह चोरी गर्लफ़्रेंड से शादी करने के लिए की थी। उसका कहना है कि वह अपनी प्रेमिका के साथ जीवन बिताने के लिए पैसों की जरूरत महसूस कर रहा था और इसीलिए उसने चोरी की वारदात अंजाम दी। इस बयान ने पुलिस और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया।

लेकिन कहानी में सिर्फ चोरी ही नहीं है। मंटू चोर ने चोरी के पैसों का एक हिस्सा सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी लगाया। उसने बताया कि चोरी के पैसों से उसने अपने गांवों में 7 लाख रुपये खर्च कर मंदिर का निर्माण करवाया। इससे यह मामला और भी चर्चा में आ गया क्योंकि यह चोरी के साथ-साथ उसकी आस्था और समाज सेवा का भी परिचायक बन गया।

पुलिस ने मंटू चोर को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूरी जांच और पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मंटू चोर की कहानी में प्यार, ईमानदारी और धार्मिक आस्था के पहलू हैं, लेकिन चोरी तो चोरी ही है। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में अपराध और सामाजिक पहलू एक साथ जुड़े दिखाई देते हैं। मंटू चोर ने जहां एक तरफ चोरी की वारदात की, वहीं उसने चोरी के पैसों को सकारात्मक और धार्मिक उद्देश्य में भी लगाया। ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया यह तय करती है कि अपराध और समाज सेवा दोनों को कैसे संतुलित किया जाए।

स्थानीय लोगों ने मंटू चोर की कहानी सुनकर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोग उसे साहसी और प्रेम के प्रति समर्पित मान रहे हैं, तो कुछ लोग इसे सिर्फ अपराध मानकर उसकी आलोचना कर रहे हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन इस बात पर जोर दे रहे हैं कि कानून के अनुसार ही कार्रवाई होगी।

जयपुर का मंटू चोर इस समय सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चा का केंद्र बना हुआ है। उसकी कहानी में रोमांस, चोरी और आस्था का ऐसा मिश्रण है कि इसे सुनकर लोग हैरान हैं। यह मामला साबित करता है कि कभी-कभी अपराध की घटनाओं में मानवीय और सामाजिक पहलू भी जुड़े होते हैं, जो आम धारणा से अलग नजर आते हैं।

इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि चोरी जैसी वारदातें चाहे किसी भी उद्देश्य से की गई हों, कानून और न्याय की दृष्टि से उन्हें सख्ती से देखा जाएगा। मंटू चोर की कहानी अब जयपुर के अपराध और सामाजिक बहस के साथ-साथ प्रेम और आस्था के विषय में भी चर्चा का हिस्सा बन गई है।