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जयपुर में मजार निर्माण को लेकर दो विधायक आमने-सामने, पुरातत्व संरक्षण और अतिक्रमण को लेकर विवाद

 

राजधानी जयपुर में मजार की बिल्डिंग की छत निर्माण को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। अजमेरी गेट-घाटगेट और चांदपोल इलाके में चल रहे निर्माण को लेकर दो विधायक आमने-सामने हो गए हैं।

इस मामले पर हवामहल से भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि पुरातत्व और ऐतिहासिक धरोहर की रक्षा के लिए कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने बताया कि अजमेरी गेट और घाटगेट पर कई अवैध निर्माण किए जा रहे हैं, जो शहर की ऐतिहासिक छवि को प्रभावित कर रहे हैं। उनके अनुसार, चांदपोल इलाके में बिल्डिंग एक समान रंग और शैली में नहीं हैं, जिससे ऐतिहासिक सौंदर्य नष्ट हो रहा है।

विधायक बालमुकुंद आचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि चांदपोल की सब्जी मंडी में 4 बाई 4 मीटर के मजार का अतिक्रमण किया गया है, जो नियमों और शहरी नियोजन के खिलाफ है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों से आग्रह किया कि जल्द से जल्द इन अवैध निर्माणों को हटाया जाए और क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को बचाया जाए।

वहीं इस मामले पर अन्य विधायक या स्थानीय प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है, जिनकी नजर में निर्माण की अनुमति स्थानीय जरूरतों और धार्मिक दृष्टिकोणों को देखते हुए दी गई है। इस तरह की स्थिति ने राजनीतिक व सांस्कृतिक तनाव पैदा कर दिया है।

चांदपोल, अजमेरी गेट और घाटगेट जयपुर के पुराने और ऐतिहासिक हिस्से हैं, जहां हर निर्माण की निगरानी विशेष रूप से जरूरी मानी जाती है। पुरातत्व संरक्षण विशेषज्ञों का कहना है कि ऐतिहासिक इलाके में अतिक्रमण और असंगत निर्माण शहर की संस्कृति और पर्यटन के लिए खतरा हैं।

इस विवाद के मद्देनजर प्रशासन ने कहा है कि मामले की जांच की जाएगी और दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। शहरवासियों और ऐतिहासिक संरचनाओं के संरक्षण के लिए यह मामला काफी संवेदनशील माना जा रहा है।