जयपुर नगर निगम चुनाव: 150 वार्डों में आज मतदान, वीडियो में जाने 723 प्रत्याशियों की किस्मत होगी तय; 652 बूथ संवेदनशील
जयपुर नगर निगम क्षेत्र के 150 वार्डों में पार्षद चुनने के लिए शुक्रवार को मतदान होगा। चुनावी मैदान में इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस समेत विभिन्न दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। कुल 723 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।मतदान को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। चुनाव परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। इसके बाद महापौर और उप महापौर चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।
4 वार्डों में 10 से ज्यादा प्रत्याशी मैदान में
जयपुर नगर निगम चुनाव में कई वार्डों में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। आंकड़ों के मुताबिक, 4 वार्ड ऐसे हैं जहां 10 से ज्यादा प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। वहीं, 16 वार्डों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है।बाकी वार्डों में निर्दलीय और अन्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने मुकाबले को त्रिकोणीय और बहुकोणीय बना दिया है।
बीजेपी-कांग्रेस के 149-149 उम्मीदवार
जयपुर में प्रमुख राजनीतिक दलों की स्थिति देखें तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने 149-149 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। इसके अलावा 425 उम्मीदवार निर्दलीय, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ रहे हैं।कई वार्डों में बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी ने प्रमुख दलों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में स्थानीय समीकरण और प्रत्याशी की व्यक्तिगत पकड़ चुनाव परिणामों में अहम भूमिका निभा सकती है।
50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के आरक्षण में इस बार 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इससे बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।राजनीतिक दलों ने महिला आरक्षण वाले वार्डों में भी मजबूत चेहरे उतारने की कोशिश की है। वहीं कई जगह परिवार के राजनीतिक प्रभाव के आधार पर उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है।
2256 मतदान केंद्रों पर होगी वोटिंग
जयपुर में मतदान के लिए कुल 2256 बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 652 बूथ को क्रिटिकल बूथ की श्रेणी में रखा गया है। इन मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुलिस बल की तैनाती की है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी।
महापौर चुनाव पर रहेगी सबकी नजर
नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद सबसे ज्यादा नजर महापौर पद की दौड़ पर रहेगी। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही बहुमत हासिल कर अपना महापौर बनाने की कोशिश में हैं।पार्षदों के चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक जोड़-तोड़ और रणनीति का दौर शुरू होगा। जयपुर नगर निगम की सत्ता किसके हाथ आएगी, इसका फैसला 14 सितंबर को मतगणना के बाद साफ होगा।