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राजस्थान में मार्च की शुरुआत से ही तेज़ गर्मी का असर, वीडियो में जानें फतेहपुर-बाड़मेर में 35°C से ऊपर तापमान

 

होली और धुलंडी के मौसम में भी राजस्थान के कई हिस्सों में गर्मी का दौर पहले ही शुरू हो गया है। मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार फतेहपुर और बाड़मेर जैसे पश्चिमी जिलों में 1 मार्च को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे लोग मार्च की शुरुआत से ही गर्मी महसूस कर रहे हैं। यही नहीं, इस तरह की तेज धूप और बढ़ता पारा मार्च के पहले सप्ताह तक जारी रहने के संकेत दिख रहे हैं। इस कारण लोगों को दोपहर में गर्मी से बचने संबंधित सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

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राज्य के मौसम में यह अचानक बढ़ोतरी आम तौर पर अप्रैल-मई में शुरू होती है, लेकिन इस बार मार्च की शुरुआत ही राजस्थान के कई इलाकों में गर्मी का असर दिखाने लगी है। खासकर पश्चिमी राजस्थान के फतेहपुर (सीकर जिला) में पारा 35.3°C तक पहुंच गया, जबकि बाड़मेर में भी 35°C के आसपास तापमान दर्ज किया गया। इन प्रदेशों में धूप तेज होने के कारण लोग दोपहर के समय घरों में छांव या कूलर/एसी का उपयोग करते नजर आ रहे हैं।

होली के दौरान गर्मी बनी चुनौती

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि मार्च के पहले हफ्ते में दिन का तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है, जिससे होली (2-4 मार्च) के दौरान भी प्रदेश में गर्मी का असर महसूस हो सकता है। इससे खासकर दोपहर और मध्याह्न के समय गर्मी की तीव्रता बढ़ सकती है।

गर्मी का यह क्रम राजधानी जयपुर सहित विभिन्न जिलों में भी देखा जा रहा है। जयपुर में धूप तेज होने के साथ ही तापमान सामान्य से कुछ अधिक दर्ज किया गया है, जिससे दिन में लोगों को गर्मी-धूप का सामना करना पड़ रहा है। रातों की ठंडक भी धीरे-धीरे कम होती जा रही है, जिससे दिन-रात तापमान के बीच का अंतर घट रहा है और आम जनजीवन पर गर्मी का असर अधिक दिख रहा है।

लोगों की प्रतिक्रिया और सावधानियाँ

गर्मी की इस बढ़ोतरी के कारण कई लोग घरों में एयर कूलर और वेंटिलेशन का इस्तेमाल बढ़ा चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप और बढ़ते तापमान से डिहाईड्रेशन और हीट स्ट्रेस जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए पर्याप्त पानी पीना और धूप में कम समय बिताना आवश्यक है। कई शहरों में सुबह-शाम धूप का प्रभाव कम दिख रहा है, लेकिन दोपहर में धूप तेज रहने की वजह से गर्मी अधिक महसूस हो रही है।

पर्यावरणीय कारण और मौसम की सम्भावना

विश्लेषकों का मानना है कि यह “एर्ली हीटवेव” या समय से पहले गर्म मौसम का संकेत है, जिसका कारण बारिश की कमी, आसमान साफ रहने और पश्चिमी प्रदेशों से हवा का गर्म प्रवाह हो सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार मार्च के शुरुआती दिनों में तापमान सामान्य से अधिक रहने के संकेत हैं, जिससे राजस्थान में समय से पहले गर्मी का दौर देखा जा रहा है।