अगस्त से राज्य में लागू होगा इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, AI कैमरे रखेंगे हर चौराहे पर नजर, एंबुलेंस आते ही ग्रीन होगा सिग्नल
राज्य में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अगस्त महीने से प्रदेश में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरे ट्रैफिक नियमों की निगरानी करेंगे। नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की पहचान कर उनके खिलाफ स्वत: चालान की कार्रवाई होगी। वहीं, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों को बिना रुके रास्ता देने के लिए ट्रैफिक सिग्नल अपने आप ग्रीन हो जाएंगे।
AI कैमरे करेंगे हर गतिविधि की निगरानी
नई व्यवस्था में शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त सड़कों पर अत्याधुनिक AI कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे रेड लाइट जंप, ओवर स्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, सीट बेल्ट नहीं पहनना, हेलमेट के बिना बाइक चलाना और मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग जैसी गतिविधियों को तुरंत पहचान सकेंगे। कैमरे से प्राप्त जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी और ई-चालान स्वत: जारी किया जाएगा।
एंबुलेंस को मिलेगा ग्रीन कॉरिडोर
ITMS की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों को ट्रैफिक में फंसना नहीं पड़ेगा। सिस्टम इन वाहनों की लोकेशन पहचानकर उनके रूट के ट्रैफिक सिग्नलों को स्वत: ग्रीन कर देगा। इससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और आग जैसी आपात स्थितियों में राहत कार्य तेज करने में मदद मिलेगी।
ट्रैफिक जाम पर भी लगेगी लगाम
इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम केवल नियम तोड़ने वालों पर नजर नहीं रखेगा, बल्कि ट्रैफिक के दबाव के अनुसार सिग्नलों का समय भी तय करेगा। जिस दिशा में वाहनों की संख्या अधिक होगी, वहां ग्रीन सिग्नल की अवधि बढ़ा दी जाएगी। इससे अनावश्यक जाम कम होगा और वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारु हो सकेगी।
कंट्रोल रूम से होगी पूरी निगरानी
पूरे सिस्टम का संचालन एक आधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से किया जाएगा। यहां से शहर के सभी प्रमुख चौराहों की लाइव मॉनिटरिंग होगी। किसी दुर्घटना, ट्रैफिक जाम या नियम उल्लंघन की स्थिति में पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकेगी। साथ ही डेटा एनालिटिक्स के जरिए ट्रैफिक सुधार की रणनीति भी तैयार की जाएगी।
सड़क सुरक्षा को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित ट्रैफिक निगरानी व्यवस्था लागू होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। ट्रैफिक नियमों का पालन बढ़ेगा और लोगों में कानून का डर भी बनेगा। साथ ही मैन्युअल निगरानी पर निर्भरता कम होगी और पुलिस संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
आम लोगों को क्या होगा फायदा?
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रैफिक जाम कम होगा, यात्रा का समय बचेगा और आपातकालीन सेवाएं अधिक प्रभावी बनेंगी। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई होने से सड़क पर अनुशासन बढ़ेगा। सरकार का उद्देश्य स्मार्ट तकनीक के जरिए सुरक्षित, तेज और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था विकसित करना है, जिससे आम नागरिकों को बेहतर ट्रैफिक अनुभव मिल सके।