उदयपुर में अच्छी बारिश की कामना के लिए महिलाओं ने निभाई अनोखी परंपरा, इंद्रदेव से की मेहरबानी की प्रार्थना
मानसून सीजन शुरू होने के बावजूद उदयपुर में अब तक उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने और जलस्रोतों के नहीं भरने से किसान भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच मेवाड़ की सदियों पुरानी लोक परंपरा को जीवंत करते हुए शुक्रवार को उदयपुर के ओल्ड सिटी क्षेत्र में महिलाओं ने इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए विशेष धार्मिक अनुष्ठान और पारंपरिक रस्में निभाईं।
अच्छी बारिश की कामना के लिए किया पारंपरिक आयोजन
मेवाड़ अंचल में मान्यता है कि जब मानसून कमजोर पड़ता है, तब इंद्रदेव की आराधना करने से अच्छी वर्षा होती है। इसी विश्वास के साथ महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पूजा-अर्चना की और समय पर अच्छी बारिश की कामना की।
लोक परंपरा को आज भी निभा रहे लोग
ओल्ड सिटी इलाके में आयोजित इस परंपरा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने लोकगीत गाए, धार्मिक अनुष्ठान किए और क्षेत्र में सुख-समृद्धि के साथ अच्छी वर्षा की प्रार्थना की। यह परंपरा मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है, जिसे आज भी स्थानीय लोग पूरी श्रद्धा के साथ निभाते हैं।
किसानों की बढ़ी चिंता
मानसून की धीमी रफ्तार का असर खेती पर भी दिखाई देने लगा है। पर्याप्त बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों की बुवाई और सिंचाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ रही है। किसान अब आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी पर टिकी निगाहें
लोगों की नजर अब मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर भी है। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी राहत मिलेगी और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ेगी।
उदयपुर में महिलाओं द्वारा निभाई गई यह अनोखी परंपरा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि मेवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति के प्रति लोगों के गहरे जुड़ाव को भी दर्शाती है।