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वीडियो में देंखे बांदा में पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमान कथा में दिखा अद्भुत दरबार, आस्था और रहस्य का केंद्र बना बागेश्वर धाम

 

बुंदेलखंड के बांदा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमान कथा इस समय आस्था, विश्वास और रहस्य का बड़ा केंद्र बनी हुई है। कथा के तीसरे दिन का दृश्य देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु भी हैरान रह गए। लाखों की भीड़ के बीच कथा स्थल पर पहले दिव्य दरबार और उसके बाद कथित भूत-प्रेत बाधा निवारण का दरबार लगाया गया, जिसने पूरे पंडाल का माहौल पूरी तरह बदल दिया।

कथा स्थल पर पहुंची भीड़ के अनुसार, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “आज ही प्रेत को उल्टा टांग देंगे।” उनकी बातों और मंत्रों ने श्रद्धालुओं में अद्भुत उत्सुकता और विश्वास पैदा कर दिया। थोड़ी ही देर में पंडाल में करीब 100 से अधिक महिलाएं, युवतियां और पुरुष जमा हो गए। हर कोई इस अनोखी कथा और दरबार का अनुभव लेने के लिए उत्सुक था।

श्रद्धालुओं ने बताया कि कथा के दौरान पंडाल में एक अद्भुत माहौल बना हुआ था। दिव्य दरबार और भूत-प्रेत बाधा निवारण के दौरान वातावरण में रहस्य और आस्था का मिश्रण स्पष्ट रूप से महसूस किया गया। लोगों का कहना था कि यह अनुभव उन्हें गहरे आध्यात्मिक और मानसिक प्रभाव में ले गया।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कथा में हनुमानजी की शक्तियों और भूत-प्रेत से मुक्ति के उपायों का विवरण दिया। उनके अनुसार, इस प्रकार के दरबार और मंत्रों के माध्यम से न केवल भय से मुक्ति मिलती है, बल्कि श्रद्धालु मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी सशक्त बनते हैं।

स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था का ध्यान रखा। उन्होंने पंडाल के भीतर और बाहर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए ताकि बड़ी भीड़ में किसी प्रकार की अफरा-तफरी या अनहोनी न हो।

श्रद्धालु इस कथा में भाग लेकर न केवल हनुमानजी के प्रति आस्था प्रकट कर रहे हैं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव और रहस्य का भी अनुभव कर रहे हैं। कई लोग अपनी परेशानियों और भय का समाधान पाने के लिए पंडित धीरेंद्र शास्त्री के दरबार में पहुंचे।

बागेश्वर धाम में पंडित शास्त्री की हनुमान कथा लगातार चर्चा में बनी हुई है। हर दिन लाखों की भीड़ आस्था और विश्वास के साथ कथा सुनने और दिव्य अनुभव लेने के लिए पहुंच रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन स्थानीय लोगों में विश्वास, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का काम करते हैं।

कथा के तीसरे दिन की यह घटना बागेश्वर धाम को आस्था, रहस्य और धार्मिक विश्वास का एक केंद्र बना रही है। आने वाले दिनों में भी लाखों श्रद्धालु यहां हनुमान कथा और पंडित धीरेंद्र शास्त्री के दिव्य दरबार का अनुभव लेने के लिए पहुंचने की उम्मीद है।