Rajasthan के Bikaner में 5 दिन की सर्दी ने जमाई महीनो की मेहनत पर बर्फ, 70% अनार और सरसो की फसलें बर्बाद
बीकानेर न्यूज़ डेस्क, कड़ाके की सर्दी के चलते राज्य में अनार की फसल बर्बाद हो गई है, जबकि सरसो पर भी बर्फ जमने से नुकसान हुआ है। पश्चिमी राजस्थान में नुकसान ज्यादा हुआ है, जबकि पूर्वी राजस्थान में भी फसलें खराब होने की आशंका जताई जा रही है। दरअसल, मैदानी एरिया में बर्फ जमने से से खेत में खड़ी फसल खराब हुई है। फसलों के नुकसान को लेकर कृषि विभाग की ओर से कोई सर्वे फिलहाल नहीं हो रहा है।
पश्चिमी राजस्थान में कुछ समय से अनार की जबर्दस्त खेती हो रही है। अनार को पकने के लिए अच्छी गर्मी की जरूरत होती है, लेकिन तापमान में कमी से अनार की फसलें बर्बाद हो रही हैं। बीते दिनों जब बीकानेर सहित पश्चिमी राजस्थान में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचा तो इसी फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
देशनोक के ओम प्रकाश भांभू बताते हैं कि करीब 70 परसेंट अनार खराब हो गए हैं। गर्मी से अनार के दानों का रंग लाल होता है, लेकिन इस बार सर्दी के कारण अनार पक नहीं पाए। कई किसानों ने सर्दी से बचाव के लिए अनार को पैक भी करवाया, लेकिन उससे भी दस-बीस परसेंट फसल ही बच पाई। इसी तरह नागौर जिले के कई एरिया में अमरुद के पेड़ों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, नागौर, जोधपुर व जैसलमेर में सरसो की खेती होती है। इस बार चार पांच दिन जमी बर्फ ने सरसो को भी नुकसान पहुंचाया है। सरसो की पत्तियों पर बर्फ पूरी तरह जम गई थी। लूणकरनसर क्षेत्र के कुछ खेतों में तो सत्तर से 80 परसेंट सरसो खराब हो गई। हालांकि सभी जगह ऐसे हालात नहीं है। सब जगह नुकसान के आंकड़े अलग-अलग हैं। कृषि विशेषज्ञ इंद्रमोहन शर्मा का कहना है कि सर्दी से मैदानी एरिया में ज्यादा नुकसान हुआ है। अरावली की पहाड़ियों में खेती करने वाले किसानों को तुलनात्मक दृष्टि से कम नुकसान हुआ है।
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