अजमेर में IT अफसर बनकर कारोबारी के घर घुसे बदमाश, 13 मिनट में 3 करोड़ की ज्वेलरी लेकर फरार; 3 घंटे में 6 आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान के अजमेर जिले में कारोबारी के घर हुई करोड़ों रुपये की लूट का पुलिस ने तेजी से खुलासा करने का दावा किया है। बदमाश कथित तौर पर आयकर विभाग (IT) के अधिकारी बनकर कारोबारी के घर में घुसे और महज 13 मिनट में करीब 3 करोड़ रुपये की ज्वेलरी लेकर फरार हो गए। वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन घंटे के भीतर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस वारदात में कारोबारी का पूर्व कर्मचारी भी शामिल था।
दिनदहाड़े या घर में इस तरह पहचान छिपाकर घुसने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर वारदात की पूरी योजना, लूटी गई ज्वेलरी और अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
IT अफसर बनकर घर में घुसे बदमाश
जानकारी के अनुसार, आरोपी कारोबारी के घर पहुंचे और खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर अंदर दाखिल हुए। सरकारी अधिकारी होने का परिचय देकर उन्होंने घर में मौजूद लोगों को भरोसे में लिया। इसके बाद बदमाशों ने कथित तौर पर ज्वेलरी पर कब्जा कर लिया और वहां से निकल गए।
बताया जा रहा है कि पूरी वारदात को अंजाम देने में आरोपियों को करीब 13 मिनट लगे। वे कारोबारी के घर से लगभग 3 करोड़ रुपये की ज्वेलरी लेकर फरार हो गए। इतनी बड़ी रकम की ज्वेलरी चोरी होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
तीन घंटे में छह आरोपी गिरफ्तार
वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए कार्रवाई शुरू की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने करीब तीन घंटे के भीतर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इतनी कम अवधि में गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात की योजना कैसे बनाई गई और आरोपियों ने कारोबारी के घर को निशाना बनाने के लिए कौन-कौन से तरीके अपनाए।
पुलिस की जांच में लूटी गई ज्वेलरी की बरामदगी भी महत्वपूर्ण होगी। बरामदगी की स्थिति और आरोपियों से पूछताछ के निष्कर्षों के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने पर मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
कारोबारी का पूर्व कर्मचारी भी वारदात में शामिल
इस मामले का एक अहम पहलू यह है कि आरोपियों में कारोबारी का पूर्व कर्मचारी भी शामिल बताया जा रहा है। यदि इसकी पुष्टि होती है, तो जांच में यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि उसे कारोबारी के घर, ज्वेलरी और परिवार से संबंधित कौन-कौन सी जानकारियां थीं।
अक्सर किसी स्थान की अंदरूनी जानकारी अपराध की योजना बनाने में मदद कर सकती है, लेकिन इस मामले में पूर्व कर्मचारी की वास्तविक भूमिका और अन्य आरोपियों के साथ उसके संपर्कों का पता पुलिस जांच से ही चलेगा।
पुलिस जुटा रही वारदात से जुड़े सबूत
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर घटना के हर पहलू की जांच कर रही है। इसमें लूटी गई ज्वेलरी की बरामदगी, वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहनों और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल शामिल हो सकती है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा सकता है कि आरोपियों ने किसी अन्य घटना को अंजाम दिया है या नहीं।
अजमेर जिले में हुई इस वारदात में सरकारी अधिकारी बनकर घर में प्रवेश करने और कुछ ही मिनटों में करोड़ों की ज्वेलरी ले जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने छह आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। अब आगे की जांच और बरामदगी से जुड़े तथ्यों पर नजर रहेगी।