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करौली में अवैध भवन ध्वस्त, अमीनुद्दीन खान के होटल निर्माण पर प्रशासन ने कड़ा एक्शन

 

करौली में प्रशासन ने शहर के अंबेडकर सर्किल क्षेत्र में स्थित अवैध भवन को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है। यह भवन अमीनुद्दीन खान के नाम पर था, जो पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष का बेटा है और पथराव व दंगे के आरोपी भी रहे हैं।

नगर परिषद करौली ने जांच में भवन निर्माण में अनियमितताएं पाई थीं। इसके बाद भवन से संबंधित पट्टा और निर्माण स्वीकृति को निरस्त कर दिया गया। पट्टा निरस्तीकरण के बाद प्रशासन ने आज भारी पुल‍िस फोर्स की मौजूदगी में अवैध निर्माण को ढहाया। प्रशासनिक अधिकारी भी现场 पर मौजूद रहे और ध्वस्तीकरण कार्य की निगरानी की।

अधिकारियों के अनुसार, अमीनुद्दीन खान द्वारा होटल बनाने के लिए किया गया निर्माण नगर परिषद द्वारा स्वीकृत नियमों के विपरीत पाया गया। इसमें भवन निर्माण की अनुमति और लाइसेंस नियमों का उल्लंघन शामिल था। नगर परिषद ने जांच के बाद यह कदम उठाया ताकि शहरी नियोजन और कानून का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

इस कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया और आसपास के इलाकों को आंशिक रूप से बंद रखा। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरती गई।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना की। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति, चाहे उसका पद या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है। नागरिकों ने यह भी कहा कि ऐसे कड़े कदम से भविष्य में किसी भी अवैध निर्माण को बढ़ावा नहीं मिलेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम करौली में नियमों के प्रति सख्त प्रशासनिक रवैये का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण न केवल शहरी नियोजन को प्रभावित करता है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और शहर की व्यवस्था के लिए भी खतरा बन सकता है।

नगर परिषद और प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई पूर्व निर्धारित प्रक्रियाओं और कानूनी अधिकारों के तहत की गई है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यदि भवन मालिक या अन्य संबंधित पक्ष अपील करना चाहते हैं, तो उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही चुनौती देने का अधिकार है।

करौली जिले में यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें अवैध निर्माण, दंगा और पथराव से जुड़ा व्यक्ति शामिल था। प्रशासन ने साफ किया कि कानून के सामने किसी के भी लिए छूट नहीं होगी, और किसी भी अवैध निर्माण या नियम उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रकार, करौली प्रशासन की यह कार्रवाई शहर में कानून का राज और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रयास का प्रतीक है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाईयों से शहर में कानून का पालन और नियमों की गंभीरता बनी रहेगी।