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IAS अखिल अरोड़ा योजना भवन में 2.31 करोड़ कैश-गोल्ड मामले में एसीबी की रडार पर, देखें वायरल फुटेज में कैद पूरा मामला 

 

राजस्थान न्यूज़ डेस्क !!! राजस्थान की टॉप ब्यूरोक्रेसी में इन दिनों 3 बड़े IAS अफसर चर्चा में बने हुए हैं। एक सीनियर IAS अखिल अरोड़ा को एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच झेलनी पड़ सकती है। ये जांच योजना भवन के बेसमेंट में मिले 2.31 करोड़ कैश और गोल्ड से जुड़ी है। एक आईएएस अफसर के खिलाफ मुख्य सचिव सुधांश पंत के स्तर पर जांच की जा सकती है। सूत्रों की मानें तो दोनों आईएएस अफसरों का बदला जाना तय है। इन्हें संभवत: 'ठंडी' पोस्टिंग पर भेजा जाएगा। इसके अलावा एक और IAS अफसर का छुट्टियों पर विदेश जाना चर्चा में बना हुआ है।

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आईएएस अधिकारी की जांच मुख्य सचिव सुधांश पंत के स्तर से हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक दोनों आईएएस अफसरों को बदला जाना तय है। इन्हें संभवतः 'कोल्ड' पोस्टिंग पर भेजा जाएगा। इसके अलावा एक और आईएएस अधिकारी का छुट्टी पर विदेश जाना चर्चा में है. अखिल अरोड़ा वर्तमान में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं। पिछली कांग्रेस सरकार में उनके पास वित्त विभाग का भी प्रभार था। कांग्रेस सरकार के दौरान मई-2023 में 20 लाख रुपये की लूट की घटना हुई थी।

तब कुछ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया गया था. मामले की जांच ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) कर रही थी. उस समय अखिल अरोड़ा वित्त विभाग और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव थे. इस मामले की जांच राज्य सरकार की एजेंसी सीबी भी करना चाहती है. एसीबी ने जांच के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी थी. इसके बाद राज्य सरकार ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के आयुक्त इंद्रजीत सिंह (आईएएस) से रिपोर्ट मांगी. सिंह ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी है. सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट एसीबी के लिए सकारात्मक है. इस रिपोर्ट के आधार पर एसीबी को अरोड़ा के खिलाफ जांच शुरू करने की अनुमति मिल सकती है. सीएम भजनलाल शर्मा ने ऐसे सभी मामलों पर फैसला लेने की डेडलाइन 31 मई तय की है. चूंकि इस मामले को मुख्यमंत्री के अधीन कार्मिक विभाग देख रहा है. ऐसे में इस जांच की मंजूरी पर वे खुद 31 मई को अपना फैसला लेंगे.

एसीबी की जांच आगे क्यों नहीं बढ़ सकी?

योजना भवन में सोना और नकदी मिलने के मामले में एसीबी ने अक्टूबर 2023 में एफआईआर दर्ज की थी. तत्कालीन एसीबी डीजी हेमंत प्रियदर्शी ने 6 अक्टूबर को कार्मिक विभाग को पत्र लिखकर आईटी विभाग के तत्कालीन एसीएस अखिल अरोड़ा की भूमिका की जांच की अनुमति दी थी. लेकिन अरोड़ा के खिलाफ जांच को मंजूरी दी जाए या नहीं, इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. अब इस पर जल्द ही फैसला होने की उम्मीद है, क्योंकि आईटी विभाग से मांगी गई रिपोर्ट आईटी कमिश्नर इंद्रजीत सिंह ने भी भेज दी है.

विपक्ष में रहते हुए बीजेपी ने यह मुद्दा उठाया था

कांग्रेस शासनकाल में इस मामले को बीजेपी ने बड़ा मुद्दा बनाया था. विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस सरकार के खिलाफ यह भी एक बड़ा मुद्दा था। वर्तमान कृषि मंत्री डाॅ. किरोड़ीलाल मीना ने इसकी जांच के लिए केंद्र और राज्य सरकार को पत्र भी लिखा था.