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हम तो परमानेंट इंचार्ज हैं,PCC वॉर रूम में गहलोत-पायलट की मजेदार बातचीत
 

 

राजस्थान कांग्रेस की सियासत के दो प्रमुख चेहरों अशोक गहलोत और सचिन पायलट की एक बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के वॉर रूम में दोनों नेताओं के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत हुई। इस दौरान गहलोत ने पायलट से जुड़े एक सवाल पर मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, जिसके बाद वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच हंसी का माहौल बन गया।

वॉर रूम में आमने-सामने दिखे गहलोत-पायलट

दरअसल, राजस्थान में संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर PCC वॉर रूम में नेताओं की बैठक चल रही थी। इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट भी वहां पहुंचे।

दोनों नेताओं के बीच बातचीत का वीडियो सामने आया है। वीडियो में माहौल सामान्य और अनौपचारिक नजर आ रहा है। दोनों नेता आपस में बातचीत करते और मुस्कुराते दिखाई दे रहे हैं।

‘हम तो परमानेंट इंचार्ज हैं’

बातचीत के दौरान पायलट ने गहलोत से कुछ कहा। इसके जवाब में गहलोत ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘हम तो परमानेंट इंचार्ज हैं।’ गहलोत की इस टिप्पणी के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच हंसी का माहौल बन गया।

दोनों नेताओं के बीच इस तरह की हल्की-फुल्की बातचीत ने राजस्थान कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चा के बीच लोगों का ध्यान खींचा है।

कभी सियासी मतभेदों को लेकर चर्चा में रहे दोनों नेता

अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच राजस्थान कांग्रेस में लंबे समय तक राजनीतिक मतभेद चर्चा का विषय रहे हैं। 2020 में दोनों खेमों के बीच टकराव के बाद प्रदेश की राजनीति में काफी हलचल देखने को मिली थी। इसके बाद भी दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक समीकरणों को लेकर लगातार चर्चा होती रही।

हालांकि, हाल के समय में दोनों नेताओं को कई मौकों पर एक साथ मंच साझा करते और पार्टी के कार्यक्रमों में साथ नजर आते देखा गया है। PCC वॉर रूम का यह वीडियो भी इसी वजह से राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

वीडियो पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नजर

गहलोत-पायलट की इस बातचीत को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे दोनों नेताओं के बीच बदले हुए रिश्तों के संकेत के तौर पर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे महज एक सामान्य और मजाकिया बातचीत बता रहे हैं।

हालांकि, बातचीत के छोटे से वीडियो के आधार पर दोनों नेताओं के राजनीतिक रिश्तों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। फिलहाल ‘हम तो परमानेंट इंचार्ज हैं’ वाला गहलोत का अंदाज ही सबसे ज्यादा चर्चा में है।