भैराणा धाम RIICO विवाद पर देर रात हाई वोल्टेज ड्रामा, वीडियो में जाने हनुमान बेनीवाल के जयपुर कूच के बाद बनी समझौता कमेटी
राजस्थान में भैराणा धाम के पास प्रस्तावित RIICO इंडस्ट्रियल एरिया को लेकर बुधवार देर रात बड़ा सियासी और प्रशासनिक घटनाक्रम देखने को मिला। दिनभर चले विरोध प्रदर्शन और प्रशासन के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल संतों और हजारों समर्थकों के साथ जयपुर कूच पर निकल पड़े। इसके बाद देर रात तक हाई वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा चलता रहा।
जानकारी के मुताबिक, भैराणा धाम के आसपास प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को लेकर स्थानीय लोगों और संत समाज में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई है। आंदोलनकारी इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं और उनका कहना है कि इससे धार्मिक आस्था और क्षेत्र की पहचान प्रभावित होगी। बुधवार को इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और प्रदर्शन किया।दिनभर प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया। इसके बाद हनुमान बेनीवाल ने अपने समर्थकों के साथ जयपुर कूच का ऐलान कर दिया। देर शाम जैसे ही बेनीवाल का काफिला जयपुर की ओर बढ़ा, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया।
सूत्रों के अनुसार, करीब 10 हजार समर्थक और संत इस काफिले में शामिल थे। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए जयपुर की ओर जाने वाले रास्तों पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया। देर रात मौखमपुरा मोड़ पर पुलिस ने भारी बेरिकेडिंग कर काफिले को रोक दिया। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की।
स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच एक बार फिर बातचीत शुरू हुई। कई घंटों तक चली वार्ता के बाद आखिरकार देर रात दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई। विवाद के समाधान के लिए एक कमेटी गठित करने पर सहमति बनी, जिसके बाद आंदोलन को फिलहाल शांत करने का फैसला लिया गया।
बताया जा रहा है कि गठित कमेटी आंदोलनकारियों की मांगों और परियोजना से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। समझौते के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली और जयपुर कूच को रोक दिया गया। हनुमान बेनीवाल ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि फिलहाल स्थगित किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कमेटी में आंदोलनकारियों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने राजस्थान की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गए हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल भैराणा धाम RIICO विवाद पर बनी कमेटी के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजस्थान की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए अहम साबित हो सकता है।