गढ़ गणेश मंदिर रोपवे पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, यथास्थिति आदेश वापस लिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने शहर के गढ़ गणेश मंदिर में रोपवे निर्माण पर पूर्व में जारी यथास्थिति आदेश को वापस ले लिया है। इसी आदेश के कारण मंदिर पर रोपवे का निर्माण कार्य रोक रखा गया था। अदालत ने दामोदर रोपवे एंड इंफ्रा लिमिटेड द्वारा दायर याचिका को भी निस्तारित कर दिया। यह फैसला जस्टिस गणेशराम मीणा की एकलपीठ ने सुनाया।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को अपने शिकायतों और जिला कलेक्टर के 1 मई 2024 के आदेश के खिलाफ अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील दायर करने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता 15 दिनों के भीतर अपील प्रस्तुत करता है, तो उसे समय-सीमा के भीतर स्वीकार किया जाएगा।
इस आदेश का मतलब है कि अब रोपवे निर्माण के काम पर रोक हट गई है और परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा और धार्मिक आस्था का पूरा ध्यान रखा जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला परियोजना को गति देने और विकास कार्यों में देरी को कम करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। रोपवे निर्माण परियोजना से न केवल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता अपनी सभी शिकायतें और आवश्यक दस्तावेज अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करे। इससे सुनिश्चित होगा कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं और विवाद समय पर और उचित तरीके से सुलझें। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि अपील प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि रोपवे बनने से मंदिर आने-जाने की प्रक्रिया आसान होगी और शहर में पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। वहीं, परियोजना के निर्माण में पारदर्शिता और सुरक्षा का ध्यान रखना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।
अंततः, राजस्थान हाईकोर्ट का यह निर्णय गढ़ गणेश मंदिर रोपवे परियोजना के लिए महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। यथास्थिति आदेश के वापस लेने और याचिकाकर्ता को अपील दायर करने का अधिकार देने से परियोजना की गति बढ़ेगी और स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को लंबे समय से प्रतीक्षित सुविधा मिलने की संभावना है।