कोरोना काल में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारी के मुआवजे पर हाईकोर्ट सख्त, अधिकारियों को नोटिस
राजस्थान हाईकोर्ट ने कोरोना महामारी के दौरान ड्यूटी निभाते हुए संक्रमित होकर जान गंवाने वाले एक सरकारी कर्मचारी के आश्रितों को मुआवजा नहीं मिलने के मामले को गंभीरता से लिया है। अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रमुख राजस्व सचिव, प्रमुख वित्त सचिव तथा टोंक कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए उनसे विस्तृत जवाब मांगा है। अदालत ने पूछा है कि आखिरकार पात्र होने के बावजूद मृतक कर्मचारी के परिजनों को अब तक मुआवजा क्यों नहीं दिया गया।
याचिका में बताया गया कि कर्मचारी ने कोरोना काल में अपनी ड्यूटी का निर्वहन करते हुए संक्रमण का शिकार होकर अपनी जान गंवा दी। इसके बावजूद सरकार की ओर से निर्धारित मुआवजा और सहायता राशि नहीं दी गई, जिससे परिवार को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अदालत ने इस मामले को मानवता और प्रशासनिक जिम्मेदारी से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय मानते हुए अधिकारियों को गंभीरता से जवाब देने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि ऐसे मामलों में लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मामले की अगली सुनवाई में अधिकारियों द्वारा दिए गए जवाबों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि पात्र व्यक्तियों को समय पर उनका हक मिले और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।
इस मामले ने एक बार फिर कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के सम्मान और उनके परिवारों के अधिकारों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।