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राजस्थान में गर्मी का कहर, बाड़मेर 46.4 डिग्री के साथ सबसे गर्म; पश्चिमी विक्षोभ से राहत की उम्मीद

 

राजस्थान में गर्मी ने अब रौद्र रूप धारण कर लिया है। अप्रैल के अंतिम दिनों में ही भीषण तापमान ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में पारा लगातार चढ़ रहा है, जबकि बाड़मेर 46.4 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। भीषण लू और झुलसा देने वाली गर्म हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।

तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है। दोपहर के समय हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, जहां लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। बाजारों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। लगातार बढ़ते तापमान के चलते स्वास्थ्य विभाग ने भी सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में लू का प्रभाव अधिक देखने को मिल रहा है। बाड़मेर के अलावा जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर समेत कई जिलों में तापमान 44 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। गर्मी के इस प्रकोप ने आमजन के साथ पशु-पक्षियों के लिए भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

हालांकि भीषण गर्मी के बीच राहत भरी खबर भी सामने आई है। मौसम विभाग के मुताबिक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इस बदलाव से तापमान में गिरावट आने और लू से राहत मिलने की संभावना जताई गई है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 26 से 29 अप्रैल के बीच कई इलाकों में तेज हवाएं, धूलभरी आंधी और हल्की बारिश हो सकती है। इससे तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। यह बदलाव भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।

मौसम विभाग ने हालांकि लोगों को सतर्क रहने की सलाह भी दी है। आंधी और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं और मौसम बदलाव असुविधा भी पैदा कर सकते हैं। किसानों को भी मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्री-मानसून गतिविधियों की शुरुआत जैसे संकेत भी मिल रहे हैं। हालांकि मई महीने में फिर से गर्मी बढ़ने की संभावना बनी हुई है, लेकिन फिलहाल राहत के संकेत लोगों के लिए उम्मीद लेकर आए हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह दे रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी है।

फिलहाल राजस्थान गर्मी की भीषण मार झेल रहा है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के चलते आंधी और बारिश की संभावना ने राहत की उम्मीद जगा दी है। अब लोगों की नजर मौसम के बदले मिजाज पर टिकी हुई है।