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राजस्थान में होली से पहले ही तपिश का असर, दिन का तापमान 40 डिग्री पार

 

राजस्थान में इस बार होली से पहले ही सूरज के तेवर तीखे हो गए हैं और लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं। मरूधरा के कई हिस्सों में मार्च के महीने में ही पारा सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर चला गया है, जिससे ऐसा लग रहा है जैसे मई की गर्मी अब से ही शुरू हो गई हो।

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में लगातार तीसरे दिन अधिकतम तापमान आसमान छू रहा है। कई जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। पश्चिमी जिलों में विशेष रूप से बाड़मेर लगातार दूसरे दिन राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। जिले में उच्च तापमान और तेज धूप के कारण लोग दिन के समय बाहर निकलने से बच रहे हैं।

मौसम विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है कि गर्मी के इस दौर में पर्याप्त पानी पीना, हल्का भोजन करना और धूप में अनावश्यक समय न बिताना बेहद जरूरी है। उन्होंने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

IMD ने बताया कि अगले सप्ताह तक यानी 12 मार्च से तापमान में हल्की गिरावट होने की संभावना है। इसके अलावा 14 और 15 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बादलों की गतिविधि देखने को मिल सकती है। यह बारिश गर्मी के प्रभाव को थोड़ी देर के लिए कम कर सकती है और लोगों को कुछ राहत देगी।

राज्य के मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च का यह महीना आमतौर पर हल्की गर्मी का होता है, लेकिन इस बार अधिक तापमान सामान्य से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि मार्च के इस शुरुआती गर्मी के दौर से किसानों, यात्रियों और आम जनता को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेष रूप से खेतों में काम करने वाले लोग धूप में लंबे समय तक रहकर स्वास्थ्य संबंधी जोखिम उठा सकते हैं।

शहरी क्षेत्रों में बिजली की मांग में भी वृद्धि हुई है। लोगों ने कहा कि एसी और पंखों के अधिक इस्तेमाल के कारण बिजली की खपत बढ़ गई है, जिससे गर्मी का मुकाबला करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी का असर खेतों और पशुपालन पर भी देखा जा रहा है।

राजस्थान में होली जैसे त्योहार के समय उच्च तापमान और तेज धूप लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर रहे हैं। मौसम विभाग ने कहा कि यह स्थिति अगले कुछ दिनों में बनी रह सकती है, इसलिए जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि ऐसे मौसम में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां, जैसे हाइड्रेशन बढ़ाना, हल्का और संतुलित भोजन करना और धूप में अनावश्यक समय न बिताना, बेहद जरूरी हैं। इसके अलावा बच्चों और बुजुर्गों को तेज धूप और गर्मी से बचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।

राजस्थान में इस बार की गर्मी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मौसम के अचानक बदलते तेवर और असामान्य तापमान से निपटने के लिए समय पर चेतावनी और सतर्कता जरूरी है।