जयपुर में दिल दहला देने वाली घटना: तीसरी बेटी होने पर पिता ने 13 घंटे की नवजात की गला दबाकर हत्या की, आरोपी गिरफ्तार
राजधानी जयपुर के जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित निम्स अस्पताल से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। पुत्र की चाहत में एक पिता ने अपनी महज 13 घंटे की नवजात बेटी की कथित रूप से गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात अस्पताल के वार्ड में बुधवार तड़के हुई। घटना की सूचना मिलते ही चंदवाजी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना थाना क्षेत्र के बिछपड़ी निवासी 34 वर्षीय रवि कुमार यादव के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत है। पुलिस ने बताया कि रवि ने अपनी पत्नी कोमल को 27 जुलाई को प्रसव के लिए निम्स अस्पताल में भर्ती कराया था।
28 जुलाई को दोपहर करीब 2 बजे सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्ची का जन्म हुआ। दंपती की पहले से दो बेटियां हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीसरी संतान भी बेटी होने से आरोपी मानसिक रूप से नाराज था और इसी कारण उसने यह जघन्य कदम उठाया।
जांच के अनुसार वारदात वाले दिन आरोपी नवजात को दूध पिलाने के बहाने वार्ड से बाहर ले गया। कुछ देर बाद वह बच्ची को वापस लेकर आया और उसके पास बैठ गया। जब अस्पताल के स्टाफ ने बच्ची की हालत देखी तो वह अचेत थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही चंदवाजी थाना प्रभारी राजवीर सिंह पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने आरोपी रवि कुमार यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने कथित रूप से बच्ची की हत्या करना स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
यह घटना समाज में बेटियों के प्रति भेदभाव और पुत्र मोह जैसी कुप्रथाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेटा-बेटी में भेदभाव न केवल सामाजिक बुराई है, बल्कि कई बार ऐसे अमानवीय अपराधों का कारण भी बन जाती है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है।