×

चूपना गांव में दिल दहला देने वाली घटना, बेटे ने कुएं में कूदकर बचाई पिता की जान

 

प्रतापगढ़ जिले के अरनोद क्षेत्र के चूपना गांव से एक ऐसी दिल दहला देने वाली और साथ ही प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां एक पिता द्वारा अचानक कुएं में छलांग लगाने के बाद, उसके बेटे ने बिना अपनी जान की परवाह किए तुरंत कुएं में कूदकर अपने पिता की जान बचा ली। यह घटना चूपना-भावगढ़ मार्ग पर स्थित बस स्टैंड के पास घटी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में इस साहसिक कदम की जमकर चर्चा हो रही है।

जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब पिता किसी कारणवश मानसिक तनाव में था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वह अचानक बस स्टैंड के पास स्थित एक खुले कुएं की ओर बढ़ा और देखते ही देखते उसमें छलांग लगा दी। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद चौंकाने वाला था। लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही स्थिति गंभीर हो चुकी थी।

जैसे ही पिता के कुएं में कूदने की खबर बेटे तक पहुंची, वह बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे रोकने की कोशिश भी की, लेकिन अपने पिता की जान बचाने की चिंता में उसने किसी की नहीं सुनी और सीधे कुएं में छलांग लगा दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत मदद के लिए शोर मचाया गया।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कुएं में पानी की गहराई और स्थिति बेहद खतरनाक थी, लेकिन इसके बावजूद बेटे ने साहस का परिचय देते हुए अपने पिता को ढूंढना शुरू किया। कुछ ही देर में वह पिता तक पहुंच गया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए गए। ग्रामीणों की मदद से दोनों को कुएं से बाहर निकाल लिया गया।

घटना के बाद दोनों को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर मदद मिलने से दोनों की जान बच गई और फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। हालांकि पिता को अधिक निगरानी में रखा गया है, क्योंकि मानसिक तनाव की स्थिति को देखते हुए आगे भी चिकित्सा परामर्श की आवश्यकता हो सकती है।

इस घटना के बाद पूरे चूपना गांव में चर्चा का माहौल है। लोग बेटे के साहस और समर्पण की सराहना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आज के समय में ऐसा उदाहरण बहुत कम देखने को मिलता है, जहां कोई व्यक्ति अपने जीवन की परवाह किए बिना अपने माता-पिता की जान बचाने के लिए कुएं में छलांग लगा दे।

स्थानीय प्रशासन ने भी घटना की जानकारी ली है और मामले की जांच की बात कही है। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि ऐसे खुले और असुरक्षित कुओं के आसपास सतर्कता बरती जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

यह घटना न केवल एक हादसा है, बल्कि यह बेटे के अटूट प्रेम, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की एक मिसाल बनकर सामने आई है, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रतापगढ़ जिले में हो रही है।