स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से जिंदा व्यक्ति को कर दिया ‘मृत’, शहर में हड़कंप
यूपी के कानपुर में एक बार फिर सरकारी सिस्टम की लापरवाही ने एक जिंदा इंसान की जिंदगी को कागजों में ‘मृत’ बना दिया है। गोविंद नगर क्षेत्र के निराला नगर निवासी गौरव साहू को स्वास्थ्य विभाग ने 12 सितंबर 2025 को मृत घोषित कर डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे शहर में हंगामा मच गया। गौरव साहू असल में जिंदा हैं और नियमित रूप से लावारिश मरीजों की मदद करते हैं। वे अस्पतालों से मृत घोषित किए गए मरीजों के अंतिम संस्कार का जिम्मा उठाते हैं और गरीब परिवारों की सहायता करते हैं। लेकिन एक छोटी-सी कागजी गलती ने उन्हें सरकारी दस्तावेजों में ‘मुर्दा’ बना दिया।
स्थानीय लोगों ने इस मामले पर चिंता जताई और कहा कि यह घटना सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठाती है। उन्होंने पूछा कि कैसे स्वास्थ्य विभाग की जांच और रिकॉर्डिंग प्रणाली में इतनी बड़ी चूक हो सकती है।
गौरव साहू ने खुद मीडिया से बातचीत में बताया कि जब उन्हें इस गलती के बारे में पता चला, तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “मैं जिंदा हूँ, लेकिन कागजों में मेरी मौत दर्ज हो गई। यह स्थिति मेरे और मेरे परिवार के लिए कई मुश्किलें और मानसिक तनाव पैदा कर रही है।”
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने कहा कि यह एक प्रक्रियागत त्रुटि थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की तुरंत जांच की जा रही है और सर्टिफिकेट को सही करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि यह गलती रिकॉर्डिंग सिस्टम में हुई और इसे जल्द ही सुधारा जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में न केवल व्यक्ति की सामाजिक और कानूनी पहचान प्रभावित होती है, बल्कि यह विश्वास और प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी प्रश्न खड़ा करता है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्वास्थ्य विभाग को रिकॉर्डिंग और सत्यापन प्रणाली को और मजबूत करना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी व्यक्ति के साथ ऐसी त्रुटि न हो।
शहरवासियों ने कहा कि गौरव साहू जैसे लोग समाज सेवा में योगदान दे रहे हैं, और इस तरह की गलती से उनकी प्रतिष्ठा और काम पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि गलतियों की जिम्मेदारी तय कर और सही कार्रवाई कर लोगों के हक की रक्षा की जाए।
इस घटना ने एक बार फिर यह उजागर किया है कि सरकारी सिस्टम की लापरवाही किस हद तक नागरिकों के जीवन पर असर डाल सकती है। कानपुर में अब यह मामला लोकप्रिय चर्चा का विषय बन गया है और लोग विभागीय सुधार की मांग कर रहे हैं।
इस प्रकार, कानपुर के निराला नगर में हुई यह घटना न केवल गौरव साहू के जीवन पर असर डाल रही है, बल्कि पूरे शहर में सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रही है।