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हनुमान बेनीवाल के इस ऐलान से बदल जाएगा राजस्थान का सियासी 'गेम', भाजपा-कांग्रेस को लगेगा बड़ा झटका, जानें क्या है पूरा मामला?

 

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) प्रमुख और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि 2028 का राजस्थान विधानसभा चुनाव उनकी आखिरी राजनीतिक लड़ाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके बाद वह खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे और आगे की राजनीति के लिए गठबंधन का रास्ता अपनाएंगे।

हनुमान बेनीवाल ने और क्या कहा?

हनुमान बेनीवाल ने कहा, "2028 आखिरी लड़ाई होगी, क्योंकि हम थोड़ा लड़ेंगे, उम्र थोड़ा इंतजार करेगी। हम किसी पार्टी के साथ जुड़ेंगे। कितना लड़ेंगे- 2013 की लड़ाई, 2018 की लड़ाई, 2023 की लड़ाई, अब हम आखिरी 2028 लड़ेंगे। जीतेंगे तो राज करेंगे, नहीं तो किसी पार्टी के साथ मिलकर आगे की रणनीति बनाएंगे। युवाओं को मौका मिलेगा।"

बेनीवाल की इस घोषणा को राजस्थान की राजनीति में अहम मोड़ के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने दोनों प्रमुख पार्टियों - भाजपा और कांग्रेस - को दरकिनार करते हुए खुद को एक स्वतंत्र ताकत के रूप में स्थापित कर लिया है। उनकी पार्टी आरएलपी ने किसान आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी और उन्होंने केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का विरोध करते हुए एनडीए से भी नाता तोड़ लिया था।

हनुमान बेनीवाल कौन हैं?

हनुमान बेनीवाल अपनी दबंग छवि के लिए जाने जाते हैं। वह नागौर जिले से हैं और राजस्थान की राजनीति में एक मजबूत जाट नेता के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से शुरू किया, लेकिन बाद में पार्टी से मतभेदों के कारण अलग हो गए।

2018 में उन्होंने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की स्थापना की और जल्द ही पार्टी ने राजस्थान की राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने नागौर से जीत हासिल की, जो उनकी पार्टी के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। बेनीवाल अपने मुखर तेवर, किसानों के हितों के मुद्दों और युवाओं के समर्थन के लिए जाने जाते हैं।