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हनुमान बेनीवाल को हाईकोर्ट से राहत, वीडियो में जाने कुचेरा FIR में दंडात्मक कार्रवाई पर रोक; 2024 की सभा से जुड़ा है मामला

 

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल को कुचेरा थाने में दर्ज एक एफआईआर के मामले में अंतरिम राहत दी है। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने बेनीवाल के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले में राजस्थान सरकार और पुलिस से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।हाईकोर्ट का यह मामला 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान नागौर के कुचेरा में आयोजित एक राजनीतिक सभा से जुड़ा है। एफआईआर में प्रशासन की ओर से लागू निषेधाज्ञा के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। बेनीवाल ने इस एफआईआर और उससे जुड़ी कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लेकर कोर्ट की टिप्पणी

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सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हिस्सा है। अदालत ने मामले के संबंध में राज्य सरकार और पुलिस से जवाब तलब किया है। हालांकि कोर्ट की ओर से दिया गया आदेश अंतरिम है और इससे एफआईआर में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।अदालत अब सरकार और पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद मामले की आगे सुनवाई करेगी। फिलहाल बेनीवाल को इस मामले में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण मिला हुआ है।

4 मई 2024 को दर्ज हुई थी FIR

मामले की शुरुआत 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कुचेरा में हुई राजनीतिक सभा से हुई थी। उप निरीक्षक मुकेश कुमार की शिकायत के आधार पर 4 मई 2024 को कुचेरा थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 143, 147, 283 और 188 लगाई गई थीं। इनमें गैरकानूनी जमावड़ा, उपद्रव, सार्वजनिक रास्ते में बाधा या खतरे और लोक सेवक की ओर से जारी आदेश की अवहेलना से जुड़े आरोप शामिल हैं।

तीन सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई

बेनीवाल की ओर से इस मामले में हाईकोर्ट से राहत की मांग की गई । सुनवाई के बाद अदालत ने फिलहाल उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी और राज्य सरकार तथा पुलिस को अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।अब मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी। उस दौरान सरकार और पुलिस की ओर से पेश किए जाने वाले जवाब के आधार पर कोर्ट आगे की कार्रवाई तय करेगा। फिलहाल यह राहत अंतरिम है और एफआईआर में लगाए गए आरोपों की अंतिम न्यायिक जांच अभी बाकी है।