राजस्थान में मौसम का कहर, वीडियो में देखें 5 दिन में दूसरी बार ओलावृष्टि, 9 जिलों में गिरे ओले, 2 की मौत
राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर कहर बरपाया है। मंगलवार को पांच दिन के भीतर दूसरी बार राज्य के सीकर समेत 9 जिलों में ओलावृष्टि हुई, जबकि जयपुर सहित 15 जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में देर शाम ओलों की चादर बिछ गई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बिजली गिरने की घटनाओं में सीकर और कोटा में एक महिला और एक युवक की मौत हो गई, वहीं अलवर में बिजली गिरने से एक मकान में आग लग गई और भारी नुकसान हुआ।
भीलवाड़ा और सवाई माधोपुर में देर शाम तेज ओलावृष्टि हुई। सड़कों, खेतों और खुले मैदानों में सफेद ओलों की परत जम गई। अचानक बदले मौसम से वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जयपुर, दौसा, टोंक, अजमेर, अलवर, भरतपुर, करौली, बूंदी, कोटा, झालावाड़ सहित करीब 15 जिलों में तेज बारिश हुई, जिससे कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई।
मौसम की मार सबसे ज्यादा किसानों पर पड़ी है। कोटा जिले के रामगंज मंडी क्षेत्र में तेज बारिश के चलते लाखों रुपये की धनिया की फसल को नुकसान हुआ। मंडी परिसर में रखी धनिया की फसल से भरी बोरियां पानी में डूब गईं, जबकि कई बोरियां तेज बहाव में बह गईं। खेतों और मंडियों में पानी भरने से खड़ी और कटी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से फसलें खराब हो रही हैं, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
इधर, बिजली गिरने की घटनाएं भी जानलेवा साबित हुईं। सीकर जिले में एक महिला पर बिजली गिर गई। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। वहीं, कोटा जिले के मंडाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से 25 साल के युवक की जान चली गई। इन घटनाओं से संबंधित इलाकों में शोक की लहर है।
अलवर जिले के राजगढ़ क्षेत्र में भी बिजली गिरने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां एक मकान पर आकाशीय बिजली गिरने से दीवार टूट गई और घर में आग लग गई। इस घटना में मकान में रखे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलकर खराब हो गए। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मौसम तंत्र के कारण प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिल रहा है। विभाग ने बताया कि आंधी-बारिश का दौर थमने के बाद अगले दो दिन तक प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरा छाया रह सकता है। इसके बाद 31 जनवरी से 1 फरवरी के बीच एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिससे एक बार फिर बारिश हो सकती है।
लगातार बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। किसानों को भी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम के इस अनिश्चित मिजाज ने आमजन के साथ-साथ कृषि और जनजीवन को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है।