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300 घंटों के प्रशिक्षण के साथ 70 फीसदी को प्लेटमेंस दिलाएगी सरकार

 

युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इस योजना के तहत युवाओं को करीब 300 घंटे का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद प्रशिक्षित युवाओं में से कम से कम 70 प्रतिशत को प्लेसमेंट दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से युवाओं को व्यावहारिक कौशल मिलेगा और उन्हें रोजगार प्राप्त करने में आसानी होगी।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकसित कर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है। इसके अंतर्गत तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों प्रकार के कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को आधुनिक तकनीक, कार्यस्थल पर व्यवहार, संचार कौशल और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप काम करने की जानकारी दी जाएगी।

सरकार का कहना है कि वर्तमान समय में कई युवाओं के पास डिग्री तो होती है, लेकिन उनके पास व्यावहारिक कौशल की कमी होती है, जिसके कारण उन्हें रोजगार पाने में कठिनाई होती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है, ताकि युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षित किया जा सके।

300 घंटे के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों जैसे आईटी, रिटेल, हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य सेवाक्षेत्रों से संबंधित कौशल सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद संबंधित कंपनियों के साथ मिलकर प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित की जाएगी, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर मिल सकें।

सरकार ने इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण संस्थानों को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रशिक्षण केवल औपचारिकता न बनकर वास्तव में युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने में सहायक साबित हो।

अधिकारियों के अनुसार इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले युवाओं को प्रशिक्षण के दौरान मार्गदर्शन और करियर काउंसलिंग भी दी जाएगी। इससे वे अपने कौशल और रुचि के अनुसार बेहतर करियर विकल्प चुन सकेंगे। इसके अलावा प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा, जिससे उन्हें नौकरी पाने में अतिरिक्त मदद मिलेगी।

सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए और बेरोजगारी की समस्या को कम किया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावी ढंग से लागू किए जाते हैं, तो इससे युवाओं की रोजगार क्षमता में काफी सुधार हो सकता है।

कुल मिलाकर यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में इस योजना के तहत बड़ी संख्या में युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।