गोविंद सिंह डोटासरा ने राइट टू हेल्थ पर सरकार के रवैये की आलोचना की, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
गोविंद सिंह डोटासरा ने राइट टू हेल्थ (RTH) से जुड़ी सरकार की नीतियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्वास्थ्य व्यवस्था ऐसी हो गई है कि जनता बीमारी में तड़पती रहे लेकिन उन्हें समय पर इलाज नहीं मिले।
डोटासरा ने विशेष रूप से प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के दौरान हुई मौतों का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी मरीज की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिजनों को पूरा भुगतान किए बिना शव तक नहीं दिया जाता। उन्होंने इसे “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति” करार दिया और इसे राज्य की स्वास्थ्य सेवा की गंभीर विफलता बताया।
पीसीसी चीफ ने सरकार से आग्रह किया कि स्वास्थ्य सेवा को जनहितकारी बनाया जाए और राइट टू हेल्थ के तहत मरीजों को समय पर और निशुल्क या उचित इलाज उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि इस दिशा में ठोस कदम उठाए बिना जनता को राहत नहीं मिल सकती।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में व्याप्त खामियों और निजी अस्पतालों की नीतियों पर गंभीर प्रश्न उठाता है। इस पर भविष्य में राजनीतिक और प्रशासनिक बहस भी तेज हो सकती है।