गोविंददेवजी मंदिर में आज से बदला दर्शन समय, वीडियो में जाने 4 सितंबर को जन्माष्टमी पर 425 लीटर दूध से होगा अभिषेक
जयपुर के आराध्य देव श्री गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आज से मंदिर में दर्शन का समय बदल गया है। साथ ही 3 सितंबर तक रोजाना अलग-अलग मंडलियों की ओर से संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य उत्सव मनाया जाएगा। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का 425 लीटर दूध से अभिषेक किया जाएगा।
जन्माष्टमी के दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। मंदिर में आने वाले भक्तों से कहा गया है कि वे जूते-चप्पल और हेलमेट मंदिर परिसर के बाहर ही उतारकर आएं। श्रद्धालुओं को कीमती सामान लेकर मंदिर नहीं आने की सलाह भी दी गई है।मंदिर प्रशासन ने विशेष रूप से बैग, थैला, लेडिज पर्स और ज्वेलरी पहनकर मंदिर में आने से बचने की अपील की है। इसके अलावा मंदिर में फल, मिठाई, नारियल, लैपटॉप और कैमरा लेकर आने की भी अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं को इन सामानों को मंदिर के गेट के बाहर निर्धारित स्थान पर जमा कराना होगा। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था सुरक्षा के मद्देनजर की जा रही है, ताकि जन्माष्टमी के दौरान मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में आसानी हो।
3 सितंबर तक रोज होगा संकीर्तन
जन्माष्टमी से पहले मंदिर में धार्मिक आयोजनों का सिलसिला शुरू हो गया है। आज से 3 सितंबर तक अलग-अलग मंडलियों कीओर से रोजाना संकीर्तन किया जाएगा। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिलेगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इन आयोजनों में शामिल होने की उम्मीद है।4 सितंबर को जन्माष्टमी का मुख्य आयोजन होगा। इस दिन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को विशेष धार्मिक परंपराओं के साथ मनाया जाएगा। जन्माष्टमी की रात 10 बजे से 11 बजे तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत कथा का पाठ किया जाएगा। यह पाठ श्री गोविंद जी मिश्र की ओर से किया जाएगा।
रात 12 बजे होगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ मंदिर में विशेष उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी की जाएगी। इसके तुरंत बाद ठाकुर गोविंददेवजी के अभिषेक दर्शन होंगे।जन्माष्टमी पर होने वाले विशेष अभिषेक के लिए 425 लीटर दूध का इस्तेमाल किया जाएगा। भगवान के जन्म के बाद अभिषेक की धार्मिक परंपरा पूरी की जाएगी और इसके बाद श्रद्धालुओं को विशेष दर्शन का अवसर मिलेगा।
मंदिर प्रशासन की ओर से जन्माष्टमी को लेकर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक सामान लेकर मंदिर न आएं और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।श्री गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी हर साल विशेष धार्मिक उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस बार भी 3 सितंबर तक संकीर्तन और 4 सितंबर को जन्मोत्सव के विशेष कार्यक्रमों के चलते मंदिर में भक्तों की बड़ी भीड़ जुटने की संभावना है। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था को आसान और सुरक्षित बनाए रखना मंदिर प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।