धनतेरस पर जेन-जी की ‘स्मार्ट’ खरीदारी, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV का बढ़ा क्रेज; 10-12 हजार कारों की बिक्री का अनुमान, 25 हजार किलो चांदी और 800 किलो सोने का कारोबार
धनतेरस पर इस बार प्रदेश के बाजारों में खरीदारी का ट्रेंड बदला हुआ नजर आया। पारंपरिक रूप से सोना-चांदी, बर्तन और वाहन खरीदने के साथ लोगों ने आधुनिक तकनीक से जुड़े उत्पादों में भी खास रुचि दिखाई। खासकर जेन-जी यानी युवा खरीदारों में एडवांस टेक्नोलॉजी वाले इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का क्रेज देखने को मिला। वहीं, ऑटोमोबाइल सेक्टर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की हिस्सेदारी बढ़ने का रुझान सामने आया है।
व्यापारिक संगठनों के अनुमान के मुताबिक, धनतेरस के मौके पर प्रदेश में 10 से 12 हजार कारों की बिक्री हो सकती है। आभूषण बाजार में भी अच्छी खरीदारी का अनुमान है। कारोबार से जुड़े अनुमानों के अनुसार, इस दौरान करीब 25 हजार किलो चांदी और 800 किलो सोने का कारोबार होने की संभावना है। इन आंकड़ों से त्योहार के दौरान पारंपरिक बाजारों के साथ आधुनिक उत्पादों की मांग का भी अंदाजा लगाया जा सकता है।
जेन-जी को पसंद आए स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद
इस बार धनतेरस की खरीदारी में युवा ग्राहकों की पसंद में बदलाव दिखाई दिया। जेन-जी के खरीदार केवल जरूरत के सामान तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने एडवांस टेक्नोलॉजी और स्मार्ट फीचर्स वाले इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों को प्राथमिकता दी।
स्मार्ट तकनीक से जुड़े उपकरणों की ओर युवाओं का रुझान बाजार में खरीदारी के नए ट्रेंड को दिखाता है। तकनीक के इस्तेमाल और डिजिटल लाइफस्टाइल के बढ़ते प्रभाव के चलते इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में इस तरह के उत्पादों की मांग महत्वपूर्ण हो गई है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती हिस्सेदारी
धनतेरस पर वाहन खरीदना शुभ माना जाता है। इसी वजह से ऑटोमोबाइल बाजार में हर साल इस अवसर पर ग्राहकों की अच्छी आवाजाही रहती है। इस बार कारों की बिक्री 10 से 12 हजार के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक और बदलाव इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बढ़ती हिस्सेदारी के रूप में दिखाई दिया। ग्राहक अब पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक विकल्पों में भी रुचि ले रहे हैं। इससे वाहन बाजार में बदलती पसंद का संकेत मिलता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री का अलग आंकड़ा नहीं दिया गया है।
सोने-चांदी के कारोबार पर भी नजर
धनतेरस के अवसर पर सोना और चांदी खरीदने की परंपरा के चलते सर्राफा बाजार में भी खास रौनक रहती है। इस बार व्यापारिक संगठनों के अनुमान के मुताबिक प्रदेश में करीब 800 किलो सोने और 25 हजार किलो चांदी का कारोबार हो सकता है।
सोने-चांदी के साथ ग्राहकों की पसंद में बदलाव भी देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर लोग पारंपरिक आभूषण और चांदी के उत्पाद खरीदते हैं, वहीं दूसरी ओर युवा खरीदार आधुनिक डिजाइन और अपनी पसंद के अनुसार आभूषणों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
परंपरा के साथ बदल रही खरीदारी की पसंद
धनतेरस की खरीदारी में इस बार परंपरा और आधुनिकता दोनों का मेल नजर आया। सोना-चांदी और वाहन जैसे पारंपरिक उत्पादों की मांग के साथ स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ता रुझान बाजार में बदलाव का संकेत देता है।
हालांकि, 10 से 12 हजार कारों, 25 हजार किलो चांदी और 800 किलो सोने के आंकड़े व्यापारिक संगठनों के अनुमान हैं, अंतिम बिक्री के आंकड़े नहीं। त्योहार के दौरान ग्राहकों की पसंद और बाजार की गतिविधियां प्रदेश के कारोबार की दिशा को समझने में अहम रहेंगी।