गहलोत का CM भजनलाल पर पलटवार, बोले- तिलमिलाया मैं नहीं, मेरे आरोपों से आप परेशान हुए; जनता से माफी मांगें
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच जुबानी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के ‘तिलमिला गए’ वाले बयान पर गहलोत ने पलटवार करते हुए कहा कि तिलमिलाए वह नहीं हैं, बल्कि उनके आरोपों से मुख्यमंत्री परेशान हुए हैं। गहलोत ने मुख्यमंत्री से अपने बयान के लिए माफी मांगने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री उनसे माफी नहीं मांगना चाहते तो जनता से माफी मांग लें।
जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत ने शिर अग्रवाल के विला का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस मामले को सार्वजनिक रूप से उठाया तो मुख्यमंत्री की ओर से इस तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं। गहलोत के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने उनके बारे में बिना सोचे-समझे टिप्पणी की, जिससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से पीड़ा हुई।
‘अपराधबोध से ग्रसित व्यक्ति ही तिलमिलाता है’
गहलोत ने कहा, "अब मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि आप तो तिलमिला गए। तिलमिलाया मैं नहीं हूं। मैंने जो आरोप लगाए थे, उससे आप तिलमिला गए हैं। इसी वजह से आपके मुंह से अनर्गल और कपोलकल्पित बातें निकल रही हैं। अपराधबोध से ग्रसित व्यक्ति ही तिलमिलाता है।"उन्होंने कहा कि जोधपुर में मुख्यमंत्री ने उनके बारे में जो बयान दिया, वह इसी तिलमिलाहट का नतीजा है। गहलोत ने कहा कि उन्हें भजनलाल शर्मा से ऐसी टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी। उन्हें मुख्यमंत्री पर विश्वास था, इसलिए उनके बयान से पीड़ा हुई।
गहलोत बोले- मुझसे नहीं तो जनता से माफी मांग लें
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके बारे में बिना सोचे-समझे टिप्पणी की है। उन्हें अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। गहलोत ने कहा, "अगर मुझसे माफी नहीं मांगना चाहते तो जनता से मांग लीजिए। वक्त बताएगा कि जनता क्या जवाब देती है, लेकिन जनता जवाब जरूर देगी।"गहलोत ने यह भी कहा कि शिखर अग्रवाल के विला से जुड़े मामले को उन्होंने सार्वजनिक मुद्दा बनाया था। इस पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया को लेकर उन्होंने सवाल उठाए। उनके मुताबिक, उन्हें मीडिया से जो जानकारी मिली थी, उसी को उन्होंने साझा किया था।
‘विपक्ष में हैं तो सरकार से सवाल उठाएंगे’
गहलोत ने विपक्ष की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष का काम सरकार पर सवाल उठाना है। उन्होंने कहा, "हम तो आपके ऊपर आरोप लगाएंगे, क्योंकि हम विपक्ष में हैं। अगर आरोप गलत हैं तो आप उनका खंडन कर दीजिए और अगर सही हैं तो सुधार कर लीजिए। विपक्ष तो बोलेगा।"उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवालों का जवाब देने के बजाय उल्टा विपक्ष पर टिप्पणी कर रही है। गहलोत ने मुख्यमंत्री से कहा कि उन्हें लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका का सम्मान करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा था?
इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा था कि जोधपुर में दिए गए उनके बयान से पूर्व मुख्यमंत्री तिलमिला गए हैं और आने वाले दिनों में उनकी परेशानी और बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल को लेकर भी कई सवाल उठाए थे।इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। फिलहाल विवाद का केंद्र शिखर अग्रवाल के विला से जुड़ा मुद्दा और मुख्यमंत्री की ओर से गहलोत पर लगाए गए आरोप बने हुए हैं।