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70 तस्वीरें हटाईं तो भड़क उठे गहलोत-पायलट; क्या मामला
 

 

मामला दिल्ली के बीकानेर हाउस में प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से जुड़ा है। अक्टूबर 2026 में उनकी प्रदर्शनी से 70 से अधिक तस्वीरें हटाने को कहा गया, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। विवाद का मुख्य मुद्दा अभिव्यक्ति की आजादी और तस्वीरों में कथित राजनीतिक संदेश है।

आखिर पूरा मामला क्या है?

- तस्वीरें किसकी थीं? रेहान वाड्रा की। वे प्रियंका गांधी वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे हैं। उनकी प्रदर्शनी का नाम No Idea Is Final था, जिसमें दिल्ली के युवा आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें शामिल थीं।

- तस्वीरें क्यों हटाई गईं? रेहान के मुताबिक, प्रदर्शनी शुरू होने से ठीक पहले उनसे 105 में से करीब 70 तस्वीरें हटाने को कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें स्पष्ट कारण नहीं बताया गया और तस्वीरें न हटाने पर प्रदर्शनी रद्द करने तथा भवन सील करने की चेतावनी दी गई। उन्होंने तिरंगे की तस्वीरों पर भी आपत्ति किए जाने का दावा किया।

- बीकानेर हाउस का क्या कहना है? प्रबंधन के अनुसार, वहां की प्रदर्शनियां मुख्य रूप से संस्कृति और वन्यजीवों पर केंद्रित होती हैं। उसके मुताबिक, संबंधित तस्वीरों में राजनीतिक संदेश थे, जो प्रदर्शनी की निर्धारित नीति के अनुरूप नहीं थे।

गहलोत और पायलट क्यों भड़के?

  • अशोक गहलोत: उन्होंने तस्वीरें हटाने को युवा कलाकार की कलात्मक अभिव्यक्ति दबाने वाला कदम बताया और भाजपा सरकार की आलोचना की।

    सचिन पायलट: उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है।

  • प्रियंका गांधी: उन्होंने भी इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें युवाओं की आवाज का दृश्य दस्तावेज थीं।

  • विवाद का असली मुद्दा क्या है?

यह मामला सिर्फ तस्वीरें हटाने का नहीं, बल्कि कलात्मक स्वतंत्रता बनाम सरकारी परिसर की प्रदर्शनी नीति का है। कांग्रेस इसे सेंसरशिप बता रही है, जबकि बीकानेर हाउस प्रबंधन का तर्क है कि तस्वीरें राजनीतिक संदेश देती थीं और तय विषय-वस्तु के दायरे में नहीं आती थीं।

फिलहाल, तस्वीरें हटाने को लेकर दोनों पक्षों के तर्क सामने आए हैं। पूरे विवाद का आकलन करने के लिए संबंधित नियमों और तस्वीरें हटाने के निर्णय के आधार को देखना जरूरी है।