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डूंगरपुर में गरबा की धूम, शास्त्री कॉलोनी में सुबह 7 बजे तक चला डांडिया; पारंपरिक परिधानों में झूमे युवक-युवतियां

 

राजस्थान के डूंगरपुर शहर में नवरात्र के दौरान गरबा और डांडिया की धूम देखने को मिली। रोशनी से सजे पांडालों में गुजराती गरबा की धुनों पर डांडिया की खनक देर रात तक गूंजती रही। युवक-युवतियां पारंपरिक परिधानों में सजकर पहुंचे और संगीत की ताल पर गरबा खेलते नजर आए। उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शास्त्री कॉलोनी में सोमवार सुबह 7 बजे तक डांडिया का दौर चलता रहा।

रोशनी से जगमगाए गरबा पांडाल

डूंगरपुर शहर में नवरात्र के अवसर पर गरबा पांडालों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया। रंग-बिरंगी सजावट और गुजराती संगीत ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। शाम होते ही पांडालों में लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी और गरबा खेलने वालों का उत्साह देखते ही बना।

युवक-युवतियां पारंपरिक परिधानों में पहुंचे। संगीत की लय के साथ डांडिया की खनक और गरबा के पारंपरिक कदमों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। कई जगहों पर देर रात तक लोग गरबा करते रहे।

शास्त्री कॉलोनी में सुबह 7 बजे तक चला डांडिया

शहर की शास्त्री कॉलोनी में गरबा और डांडिया का उत्साह देर रात के बाद भी कम नहीं हुआ। यहां सोमवार सुबह 7 बजे तक डांडिया का दौर जारी रहा। लोग गुजराती गरबा गीतों पर थिरकते रहे और नवरात्र के उत्सव का आनंद लेते रहे।

आमतौर पर गरबा कार्यक्रम रात में आयोजित होते हैं, लेकिन शास्त्री कॉलोनी में लोगों का उत्साह सुबह तक बना रहा। इस आयोजन ने नवरात्र के दौरान शहर में बने उत्सवी माहौल को खास बना दिया।

पारंपरिक परिधानों में नजर आए प्रतिभागी

गरबा आयोजन में पारंपरिक परिधानों का आकर्षण भी देखने को मिला। रंगीन कपड़ों और डांडिया के साथ प्रतिभागियों ने गरबा की पारंपरिक शैली में नृत्य किया। संगीत की ताल पर सामूहिक रूप से गरबा खेलने से पांडालों में उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा।

नवरात्र के दौरान गरबा और डांडिया केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि लोगों को एक साथ जुड़ने और त्योहार की खुशियां साझा करने का अवसर भी देते हैं।

डूंगरपुर में रोशनी से सजे पांडालों और देर रात तक चले गरबा आयोजनों ने नवरात्र की रौनक बढ़ा दी। खास तौर पर शास्त्री कॉलोनी में सुबह 7 बजे तक चला डांडिया लोगों के उत्साह का खास उदाहरण रहा।