20 हजार करोड़ के जल जीवन मिशन घोटाले में बड़ा एक्शन, पूर्व मंत्री महेश जोशी गिरफ्तार
राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा देने वाले कथित जल जीवन मिशन घोटाले में बड़ा एक्शन हुआ है। लगभग 20 हजार करोड़ रुपये के इस बहुचर्चित मामले में प्रवर्तन एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं।
यह मामला केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। आरोप है कि इस योजना के तहत किए गए कामों और टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं।
जांच एजेंसियों की लंबी जांच के बाद कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां पिछले लंबे समय से इस घोटाले की परतें खोलने में जुटी थीं। टेंडर आवंटन, फर्जी कंपनियों की भागीदारी और भुगतान में गड़बड़ियों जैसे पहलुओं की जांच की जा रही थी। इसी जांच के आधार पर अब यह बड़ी गिरफ्तारी की गई है।
पूर्व मंत्री पर गंभीर आरोप
पूर्व मंत्री महेश जोशी पर आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान विभागीय निर्णयों में अनियमितताएं हुईं और कुछ ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। हालांकि, अभी तक उनकी ओर से या उनके समर्थकों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में गर्मी बढ़ गई है। विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया है, जबकि कुछ राजनीतिक दलों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
आगे की कार्रवाई
जांच एजेंसियां अब वित्तीय लेन-देन और ठेकों से जुड़े दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही हैं। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आ सकते हैं।