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विदेशी पर्यटकों ने किसानों संग की गेहूं कटाई, सिलीसेढ़ में दिखा अनोखा नजारा

 

सिलीसेढ़-सरिस्का क्षेत्र में इन दिनों एक अनोखा और दिल को छू लेने वाला दृश्य देखने को मिला, जब फ्रांस से आए विदेशी पर्यटकों ने स्थानीय किसानों के साथ मिलकर गेहूं की फसल निकालने में सहयोग किया। यह दृश्य सिलीसेढ़ झील के समीप स्थित शोदानपुरा गांव में नेतराम गुर्जर के खेत में नजर आया, जहां इन दिनों गेहूं की कटाई और थ्रेसर के माध्यम से अनाज निकालने का कार्य चल रहा है।

आमतौर पर ग्रामीण जीवन और खेती-किसानी को देखने आने वाले पर्यटक सिर्फ दर्शक बने रहते हैं, लेकिन यहां आए विदेशी मेहमानों ने इस परंपरा को तोड़ते हुए खुद खेत में उतरकर काम किया। उन्होंने गेहूं की पूलियों को उठाकर थ्रेसर में डालने में किसानों की मदद की और पूरे उत्साह के साथ खेती के इस कार्य में भागीदारी निभाई।

तेज धूप और गर्म मौसम के बावजूद पर्यटकों का जोश कम नहीं हुआ। उनकी मेहनत और लगन को देखकर ग्रामीण भी काफी प्रभावित हुए। किसानों ने बताया कि ऐसा दृश्य उन्होंने पहली बार देखा है, जब विदेशी पर्यटक इतनी आत्मीयता और रुचि के साथ खेतों में काम कर रहे हों।

इस दौरान पर्यटकों और ग्रामीणों के बीच बातचीत और हंसी-मजाक का भी माहौल बना रहा, जिससे आपसी समझ और सांस्कृतिक जुड़ाव और मजबूत हुआ। यह अनुभव पर्यटकों के लिए जहां भारतीय ग्रामीण जीवन को करीब से जानने का अवसर बना, वहीं किसानों के लिए भी गर्व और खुशी का कारण रहा।

यह अनूठा सांस्कृतिक संगम भारत की ग्रामीण परंपराओं, सादगी और मेहमाननवाजी की एक सुंदर झलक प्रस्तुत करता है। साथ ही यह भी दर्शाता है कि भारतीय गांवों का जीवन और यहां की आत्मीयता विदेशी मेहमानों को कितनी गहराई से प्रभावित करती है।

कुल मिलाकर, यह घटना सिलीसेढ़ क्षेत्र के लिए एक खास और यादगार पल बन गई, जिसने स्थानीय लोगों और विदेशी पर्यटकों के बीच एक मजबूत सांस्कृतिक सेतु का निर्माण किया।