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जयपुर के जयगुरुदेव आश्रम में उमड़ा आस्था का सैलाब, वीडियो में बाबा उमाकांत महाराज बोले- 'सच्चे गुरु ही अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाते हैं'

 

राजधानी जयपुर के ठिकरिया स्थित जयगुरुदेव आश्रम में आयोजित तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। गुरु पूजन, सत्संग और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के बीच श्रद्धालुओं ने अपने गुरु के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महोत्सव में बड़ी संख्या में विदेशी भक्तों की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र रही। सत्संग को संबोधित करते हुए बाबा उमाकांत महाराज ने कहा कि सच्चे गुरु ही मनुष्य को अज्ञान रूपी अंधकार से निकालकर ज्ञान और प्रकाश के मार्ग पर ले जाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से सदाचार, सेवा, संयम और आध्यात्मिक जीवन अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि गुरु का मार्गदर्शन जीवन को सही दिशा देता है।

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विदेशों से भी पहुंचे श्रद्धालु

गुरु पूर्णिमा महोत्सव में रूस, मॉरीशस, अमेरिका, दुबई, कतर, सिंगापुर, हांगकांग, ब्रिटेन, कनाडा, स्पेन और दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों से श्रद्धालु जयपुर पहुंचे। विदेशी भक्तों ने भी गुरु पूजन में भाग लिया और आध्यात्मिक प्रवचनों का लाभ उठाया।देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से आश्रम परिसर में पूरे दिन भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा। आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आश्रम प्रबंधन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।

जयपुर रेलवे स्टेशन पर बढ़ी भीड़

महोत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जयपुर पहुंचने का असर रेलवे स्टेशन पर भी देखने को मिला। अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ने से रेलवे प्रशासन अलर्ट हो गया।

स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने, प्लेटफॉर्म पर व्यवस्था बनाए रखने और यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई। सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत रखी गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

'आध्यात्मिक गुरु मोक्ष का मार्ग दिखाते हैं'

अपने प्रवचन में बाबा उमाकांत महाराज ने कहा कि विद्या गुरु मनुष्य को सांसारिक शिक्षा और ज्ञान प्रदान करते हैं, जबकि आध्यात्मिक गुरु जीवात्मा को परमात्मा तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं।उन्होंने कहा, "जब मनुष्य अपनी बाहरी आंखें बंद करता है तो उसे केवल अंधेरा दिखाई देता है, लेकिन जो उस अंधेरे में भी आत्मज्ञान का प्रकाश दिखा दे, वही सच्चा गुरु होता है। ऐसे गुरु ही जीवन के वास्तविक उद्देश्य का बोध कराते हैं और मुक्ति तथा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करते हैं।"

सदाचार और सेवा का दिया संदेश

बाबा उमाकांत महाराज ने श्रद्धालुओं से प्रेम, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक जीवन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि अच्छे विचार, अच्छे कर्म और दूसरों की निस्वार्थ सेवा ही सच्ची साधना है।तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान सत्संग, भजन-कीर्तन और गुरु पूजन के कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजन के समापन तक जयगुरुदेव आश्रम में भक्तों की भारी भीड़ बनी रही।