भरतपुर में शराब के गोदाम में आग, ग्रामीण और महिलाएं हुईं प्रदर्शन में शामिल
भरतपुर जिले के रूपवास थाना क्षेत्र में शनिवार को अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब ग्रामीणों और महिलाओं ने शराब के गोदाम में आग लगा दी। बिनउआ और जरेला गांव के लोगों ने विरोध के रूप में गोदाम को आग के हवाले किया, जिसमें गोदाम में रखी लगभग 15 लाख रुपए की शराब जलकर खाक हो गई।
सूत्रों के अनुसार, इस घटना में महिलाएं भी शामिल थीं। वे लाठी-डंडे लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंची और गोदाम के आसपास हंगामा किया। ठेकेदार के कर्मचारी डर के मारे भागकर अपनी जान बचाने को मजबूर हुए।
ग्रामीणों का आरोप है कि शराब की दुकान से अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी, जिससे गांव के युवा शराब के सेवन के आदी हो रहे थे। उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस मामले की शिकायत की, लेकिन किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर ग्रामीणों ने गुस्से में आकर गोदाम में आग लगा दी।
स्थानीय पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही रूपवास थाना और दमकल विभाग को मौके पर भेजा। दमकल कर्मियों ने आग को काबू में किया और आसपास के घरों तथा दुकानों को नुकसान से बचाया। हालांकि, गोदाम में रखी शराब पूरी तरह से जल गई।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की सख्त जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि आग लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी विवाद या शिकायत के लिए कानून का सहारा लें, और हिंसक कदम उठाने से बचें।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीणों की नाराजगी का कारण अवैध शराब बिक्री और युवाओं पर इसके प्रभाव थे। राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में इस तरह की घटनाएं समय-समय पर देखने को मिलती हैं, जहां लोग अपने गांवों में अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्ती से विरोध करते हैं।
ग्रामीणों और महिलाओं का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता, तो यह घटना नहीं होती। उनका कहना है कि शराब ने गांव के युवाओं और परिवारों पर नकारात्मक प्रभाव डाला, जिसके चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
अंततः, भरतपुर के रूपवास थाना क्षेत्र में शराब के गोदाम में लगी आग ने ग्रामीण और महिलाओं की नाराजगी को उजागर किया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रभावित गांवों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है।