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हनुमान बेनीवाल के हाईवे जाम मामले में 20 से ज्यादा RLP नेताओं पर FIR, वीडियो में बोले- सहमति के बाद मुकदमा लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश

 

श्रीगंगानगर में प्रस्तावित कचरा प्रबंधन प्लांट के विरोध में नेशनल हाईवे जाम करने के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। पुलिस ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के 20 से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई 30 सितंबर की रात महियावाली टोल प्लाजा के पास हुए प्रदर्शन के मामले में की गई है। इस दौरान सांसद और RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल भी समर्थकों के साथ मौजूद थे।

चार घंटे तक हाईवे पर रहा जाम

दरअसल, नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट के विरोध में ग्रामीण पिछले करीब पांच महीने से आंदोलन कर रहे हैं। 30 सितंबर को आयोजित महापंचायत में हनुमान बेनीवाल भी शामिल हुए थे। इसके बाद ग्रामीणों और समर्थकों के साथ करीब 100 वाहनों का काफिला श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुआ।महियावाली टोल प्लाजा के पास पुलिस ने काफिले को रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी हाईवे पर ही धरने पर बैठ गए। इससे सूरतगढ़-श्रीगंगानगर नेशनल हाईवे पर करीब चार घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं।

प्रशासन से बातचीत के बाद खत्म हुआ था धरना

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रिपोर्टों के मुताबिक, देर रात करीब 2 बजे प्रशासनिक अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत हुई। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों की मांगों को जयपुर भेजने और प्रस्तावित कचरा प्लांट के संबंध में गठित कमेटी के जरिए मामले पर दोबारा विचार करने की बात कही गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त कर दिया और हाईवे पर यातायात बहाल हुआ।

20 से ज्यादा RLP नेताओं पर दर्ज हुआ केस

इसके बाद चूनावढ़ थाना पुलिस ने हाईवे जाम करने के मामले में RLP के 20 से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की। रिपोर्टों के अनुसार मामले में RLP जिला प्रभारी सुशील सिहाग समेत कई पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है।रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि FIR में हनुमान बेनीवाल का नाम शामिल नहीं है। पुलिस के अनुसार, मौके पर बेनीवाल से प्रशासनिक अधिकारियों ने अलग से बातचीत की थी।

बेनीवाल बोले- सहमति के बाद मुकदमा क्यों?

FIR दर्ज होने के बाद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आंदोलन को लेकर प्रशासन के साथ सहमति बनने के बाद मुकदमे दर्ज करना उचित नहीं है। बेनीवाल के मुताबिक, प्रशासन ने ग्रामीणों की मांगों को जयपुर भेजने और कचरा प्लांट से जुड़े मामले पर दोबारा विचार करने की बात कही थी।बेनीवाल ने मुकदमों की कार्रवाई को लोकतांत्रिक विरोध की आवाज दबाने का प्रयास बताया। उनका कहना है कि जनता की मांगों को लेकर आंदोलन करना अपराध नहीं है और RLP कार्यकर्ताओं के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से आंदोलन कमजोर नहीं होगा।

कचरा प्लांट को लेकर जारी है विवाद

नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में प्रस्तावित कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि प्लांट के लिए प्रस्तावित स्थान पर दोबारा विचार किया जाए। इसी मांग को लेकर 30 सितंबर की रात हाईवे जाम किया गया था।अब पुलिस कार्रवाई के बाद मामला और गरमा गया है। एक ओर पुलिस नेहाईवे जाम को लेकर RLP नेताओं और कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज किया है, वहीं बेनीवाल प्रशासन के साथ हुई बातचीत और सहमति का हवाला देते हुए कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।