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झालाना लेपर्ड रिजर्व से 18 दिन से लापता है चर्चित लेपर्ड राणा, वीडियो में जाने दूसरे तेंदुओं की मौजूदगी पर भी उठे सवाल

 

जयपुर के झालाना लेपर्ड रिजर्व से चर्चित लेपर्ड राणा पिछले 18 दिनों से नजर नहीं आया है। वन विभाग की टीमें लगातार जंगल में उसकी तलाश कर रही हैं, लेकिन अब तक उसकी मौजूदगी को लेकर कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। राणा के लंबे समय से दिखाई नहीं देने के कारण उसकी स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। वहीं, अब झालाना के दूसरे लेपर्ड की नियमित मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।जंगल से जुड़े सूत्रों के अनुसार, रिजर्व में कुछ अन्य लेपर्ड भी पहले की तरह नियमित रूप से नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि, वन विभाग की ओर से किसी दूसरे लेपर्ड के लापता होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में फिलहाल राणा की तलाश और अन्य तेंदुओं की निगरानी को लेकर सामने आ रही सूचनाओं के बीच स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

जंगल के अलग-अलग हिस्सों में सर्च अभियान

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राणा की तलाश के लिए वन विभाग की टीमें लगातार फील्ड में जुटी हुई हैं। एसीएफ और रेंजर के नेतृत्व में जंगल के अलग-अलग हिस्सों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। टीमों की ओर से कैमरा ट्रैप, नियमित गश्त और अन्य संकेतों के आधार पर लेपर्ड की मौजूदगी का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।वन विभाग की टीमें केवल जंगल तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी राणा के दिखाई देने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए तलाश की जा रही है। इसके बावजूद अब तक ऐसा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे उसकी वर्तमान स्थिति की पुष्टि हो सके।

दूसरे लेपर्ड की निगरानी को लेकर भी चर्चा

राणा की तलाश के बीच झालाना में दूसरे लेपर्ड की मौजूदगी को लेकर उठ रहे सवालों ने वन्यजीवों की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर चर्चा तेज कर दी है। जंगल से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कुछ अन्य तेंदुओं के नियमित रूप से नजर नहीं आने की सूचनाएं भी सामने आई हैं। हालांकि, इन सूचनाओं के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वे लेपर्ड भी लापता हैं।वन्यजीवों की गतिविधियां जंगल के अलग-अलग हिस्सों में होती रहती हैं। कई बार तेंदुए लंबे समय तक किसी विशेष स्थान पर दिखाई नहीं देते। इसलिए केवल कैमरा ट्रैप में तस्वीर दर्ज नहीं होने या नियमित रूप से नजर नहीं आने को उनके लापता होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

मॉनिटरिंग व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

झालाना लेपर्ड रिजर्व जयपुर में वन्यजीवों की मौजूदगी के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में राणा के 18 दिनों से नजर नहीं आने के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कैमरा ट्रैप और नियमित गश्त के बावजूद उसकी गतिविधियों का पता क्यों नहीं चल पा रहा है।हालांकि, इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वन विभाग की फील्ड रिपोर्ट, कैमरा ट्रैप से मिले रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का आकलन जरूरी है। फिलहाल वन विभाग की टीमें राणा की तलाश में जुटी हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सर्च अभियान के दौरान उसकी मौजूदगी को लेकर कोई ठोस जानकारी मिलती है या नहीं।