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सीकर में नकली बीज जांच टीम से मारपीट, व्यापारी ने लगाया 20 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप

 

राजस्थान के सीकर जिले में नकली बीजों की जांच करने पहुंची कृषि विभाग की टीम और एक बीज व्यापारी के बीच विवाद का मामला सामने आया है। मामला इतना बढ़ गया कि कथित तौर पर कृषि कर्मियों के साथ मारपीट की घटना हो गई। वहीं दूसरी ओर व्यापारी ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि जांच के लिए पहुंचे लोगों ने खुद को कृषि मंत्री का ओएसडी (OSD) बताकर उससे 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।

घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है और मामला चर्चा का विषय बन गया है।

नकली बीज की शिकायत पर पहुंची थी टीम

जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग को क्षेत्र में नकली या संदिग्ध बीजों की बिक्री की शिकायत मिली थी। इसके बाद विभागीय कर्मी जांच के लिए संबंधित प्रतिष्ठान पर पहुंचे। जांच के दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया, जो बाद में कथित मारपीट तक पहुंच गया।

बताया जा रहा है कि घटना के दौरान मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी।

कृषि कर्मियों ने लगाया मारपीट का आरोप

जांच टीम से जुड़े कर्मियों का आरोप है कि ड्यूटी के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और मारपीट की गई। उन्होंने इस संबंध में प्रशासन और पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

कर्मियों का कहना है कि वे विभागीय निर्देशों के तहत जांच करने पहुंचे थे और उनके कार्य में बाधा पहुंचाई गई।

व्यापारी का पलटवार

वहीं बीज व्यापारी ने पूरे मामले को अलग रूप देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। व्यापारी का दावा है कि जांच के लिए पहुंचे कुछ लोगों ने खुद को कृषि मंत्री का ओएसडी बताते हुए 20 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

व्यापारी का कहना है कि उसने रिश्वत देने से इनकार किया, जिसके बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी गई। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस और प्रशासन जुटे जांच में

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

यदि रिश्वत मांगने या सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग में मचा हड़कंप

घटना के बाद कृषि विभाग में भी हलचल बढ़ गई है। नकली बीजों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच सामने आए इस विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय अधिकारी पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।

जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल यह मामला आरोप और प्रत्यारोप तक सीमित है। एक ओर सरकारी कर्मी मारपीट का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर व्यापारी रिश्वत मांगने का दावा कर रहा है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

सीकर का यह मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है, और सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।