अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाके, सात श्रमिकों की जलकर मौत
राजस्थान के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में बुधवार को भीषण धमाके और आग लगने की घटना में सात श्रमिकों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि मृतक सभी बिहार के निवासी थे और फैक्ट्री में अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, यह फैक्ट्री कपड़ा इकाई के नाम पर पंजीकृत थी, लेकिन वास्तविक रूप से इसमें पटाखों का उत्पादन किया जा रहा था। धमाकों के बाद फैक्ट्री में आग फैल गई, जिसे बुझाने में फायर ब्रिगेड को कई घंटे लगे। मौके पर पहुंचे पुलिस और दमकल कर्मियों ने घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया।
स्थानीय पुलिस ने बताया कि फैक्ट्री के अंदर बारूद और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सुरक्षा नियमों और परमिट की पूरी तरह से अवहेलना की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री का मालिक घटना के बाद फरार है, और उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।
राज्य सरकार ने इस भीषण हादसे को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति गठित कर दी है। समिति में पुलिस, फायर ब्रिगेड और औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञ शामिल हैं। इसका उद्देश्य फैक्ट्री के अवैध संचालन, सुरक्षा उल्लंघनों और हादसे के कारणों का पता लगाना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध पटाखा फैक्ट्री और विस्फोटक सामग्री का अनुचित भंडारण इस तरह के हादसों का प्रमुख कारण बनता है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और सुरक्षा मानकों का पालन न होने से श्रमिकों की जान खतरे में पड़ती है।
स्थानीय नागरिकों और मजदूर संगठन ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि कई बार अवैध उद्योगों के खिलाफ शिकायत की जाती है, लेकिन कार्रवाई समय पर नहीं होने से इस प्रकार की त्रासदी होती है। उन्होंने सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि भविष्य में किसी भी अवैध फैक्ट्री को संचालन की अनुमति न मिले और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद मौके पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। आसपास के क्षेत्रों को खाली कराया गया और आग की चपेट में आने वाले अन्य संभावित जोखिमों को नियंत्रित किया गया। घायलों का इलाज और उनके परिजनों की सहायता के लिए प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए हैं।
इस घटना ने राजस्थान के औद्योगिक सुरक्षा नियमों और श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि औद्योगिक क्षेत्र में नियमित निरीक्षण और कड़े नियम लागू किए जाएं तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।
इस प्रकार, भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके और आग ने सात लोगों की जान ले ली और चार गंभीर रूप से घायल हुए। घटना ने न केवल सुरक्षा मानकों की अनदेखी उजागर की है, बल्कि सरकार और प्रशासन के लिए भी चेतावनी का संदेश भेजा है कि अवैध उद्योगों पर नजर रखी जाए और श्रमिकों की जान की सुरक्षा प्राथमिकता हो।