जयपुर में लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कराने के नाम पर बुजुर्ग से 1.50 लाख की साइबर ठगी, वीडियो में जाने खुद को बैंक कर्मचारी बताया
जयपुर में पेंशन खाते का लाइफ सर्टिफिकेट यानी जीवन प्रमाण-पत्र अपडेट कराने में मदद करने के नाम पर एक बुजुर्ग से 1.50 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का कर्मचारी बताकर बुजुर्ग को भरोसे में लिया और इसके बाद उनके बैंक खाते से रकम निकाल ली। खाते से बिना अनुमति पैसे निकलने का पता चलने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मुरलीपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक कर्मचारी बनकर किया फोन
पुलिस के अनुसार, मुरलीपुरा निवासी विमलेश चंद्र जोशी ने इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़ित ने बताया कि 18 अक्टूबर को उनके मोबाइल नंबर पर एक फोन आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का कर्मचारी बताया।आरोपी ने बुजुर्ग से कहा कि वह उनके पेंशन खाते का लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कराने में मदद कर सकता है। उसने भरोसा दिलाया कि अगले 24 घंटे के भीतर उनका जीवन प्रमाण-पत्र अपडेट हो जाएगा। पेंशन से जुड़े जरूरी काम में मदद मिलने की बात सुनकर आरोपी ने उन्हें अपने झांसे में ले लिया।
खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए निकाले रुपए
पीड़ित के अनुसार, फोन आने के बाद उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनके साथ साइबर ठगी हो सकती है। रात को जब उन्होंने अपना मोबाइल फोन और बैंक खाते की जानकारी जांची, तो खाते से रकम निकलने का पता चला।
जांच करने पर सामने आया कि उनके बैंक खाते से अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 1.50 लाख रुपये निकाल लिए गए थे। पीड़ित ने इन लेनदेन की अनुमति नहीं दी थी। खाते से रकम गायब होने का पता चलते ही उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की।पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने किस तरीके से बैंक खाते तक पहुंच बनाई और रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई। साथ ही, फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए भी जांच की जा रही है।
मुरलीपुरा थाना पुलिस ने दर्ज किया मामला
विमलेश चंद्र जोशी की शिकायत पर मुरलीपुरा थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों और बैंक लेनदेन की जानकारी के आधार पर जांच कर रही है। आरोपी ने किस नंबर से फोन किया था और ठगी की रकम कहां भेजी गई, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।फिलहाल, मामले में आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि इस तरह की ठगी में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कराने के नाम पर रहें सतर्क
पेंशन पाने वाले बुजुर्गों के लिए जीवन प्रमाण-पत्र जरूरी होता है। इसी जरूरत का फायदा उठाकर साइबर ठग बैंक कर्मचारी या सरकारी अधिकारी बनकर फोन कर सकते हैं। ऐसे में किसी अनजान कॉल पर भरोसा करने से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक शाखा या ग्राहक सेवा केंद्र से जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी या अन्य संवेदनशील विवरण अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने चाहिए। यदि खाते से अनधिकृत लेनदेन हो जाए, तो तुरंत बैंक को सूचित करना और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराना चाहिए।जयपुर में सामने आया यह मामला एक बार फिर बताता है कि पेंशन और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े कामों के नाम पर साइबर ठगी की कोशिशों से सतर्क रहना जरूरी है।